उत्तराखंड: तीन दिनों से हो रही बारिश की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक में जन जीवन प्रभावित

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देहरादून: प्रदेश में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में जन जीवन प्रभावित है। गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले 3 दिनों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। चम्पावत जिले में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से नदी नाले उफान पर है और भूकटाव के साथ ही कई क्षेत्रों में पहाड़ी दरकने के मामले भी सामने आए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर सूखी ढांग, चल्थी, धौंन, स्वाला, घाट और बाराकोट में जगह- जगह बोल्डर गिरने और भूस्खलन होने से मार्ग बाधित हैं। साथ ही जिले के 26 अन्य सम्पर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो गए है जिन्हें खोलने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रयास जारी है। हालाकि नदी किनारे रहने वाले लोगों को जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गयी है। लोगों का कहना है कि बारिश से जहां उनकी गौशाला में पानी भर रहा है वहीं पेड़ गिरने से उनके घर और खेत बुरी तरह प्रभावित हो रहें हैं। वहीं पौड़ी जनपद में भी लगातार हो रही भारी बरसात से कई सड़कें क्षतिग्रस्त गई हैं। वहीं बारिश से विशेषकर सब्जी उत्पादन से जुड़े काश्तकारों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। पिथौरागढ़ में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। भारी बारिश के चलते ज़िले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बसे गाँवो को जोड़ने वाले तीन लकड़ी के पुल औऱ एक ट्राली ,पानी के तेज बहाव में बह गये है। वही धारचूला में खतरे के निशान के ऊपर बह रही काली नदी से धारचूला कस्बे के साथ ही अनेक गाँवो को खतरा पैदा हो गया है। धारचूला के घटखोला गाँव पूरी तरह खतरे की जद में आ गया हैं जिसे देखते हुए उपजिलाधिकारी ने तमाम विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मौके का मुआयना कर अधिकारियों को तुरंत राहत बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए है। अल्मोड़ा जनपद में भी लगातार भारी वर्षा के कारण जन जीवन प्रभावित हो रहा है। लगातार बारिश से कई जगहों पर विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है तो वहीं कोसी नदी में गाद आने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। 24 घंटो से लगातार हो रही बारिश से हल्द्वानी की गौला नदी उफान पर है। वहीं प्रशासन द्वार नदी किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट पर रहने की हिदायत दी गई है। वहीं सीमांत जनपद चमोली में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन थम सा गया है l बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग, कर्णप्रयाग – ग्वालदम, कर्णप्रयाग- गैरसैण और जोशीमठ- मलारी हाईवे सहित ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली 84 सड़कें अवरुद्ध हो गई है । जिला प्रशासन द्वारा थराली क्षेत्र के बेनोली गांव में 14 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। वहीं राहगीरों को भी अलग-अलग जगहों पर भेजा जा रहा है l बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित सभी मार्गों पर जल्द से जल्द यातायात सुचारू करने के लिए जेसीबी मशीने और मजदूरों को लगाया गया है। वही दूसरी ओर अलकनंदा, पिंडर, मंदाकिनी, बलखिला, बिरही और धौली गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन की तरफ से नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से उनके घरों को खाली करवाया गया है।

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