कारगिल विजय दिवस: शौर्य के रंग में रंगी वीरभूमि, बारिश भी डिगा नहीं सकी देशभक्ति का हौसला

26 जुलाई को ‘कारगिल विजय दिवस’ के मौके पर वीरभूमि उत्तराखंड शौर्य के रंग में रंkargil vijay diwasगी नजर आई। दिनभर हो रही बारिश से बीच भी लोगों में देशभक्ति का जज्बा कम नहीं हुआ। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राजधानी के गांधी पार्क में आश्रितों एवं वीर नारियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह घोषणा की। प्रदेश में हर साल शौर्य दिवस के मौके पर स्कूली बच्चों को कारगिल के वीरों की शौर्य गाथा सुनाई जाएगी। उन्हें कारगिल युद्ध के इतिहास, शहीदों और पदक विजेताओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में एडीएम को नोडल अफसर बनाया गया है।

सीएम ने बृहस्पतिवार को कारगिल एवं अन्य युद्ध के शहीदों, पदक विजेताओं के आश्रितों को सम्मानित किया। वीर नारियों को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उनके साथ हमेशा खड़ी है। सीएम ने कहा कि विधायकों ने शौर्य दिवस पर स्कूलों में छुट्टी करने की सिफारिश की है। हालांकि, वह छुट्टी के पक्ष में नहीं है। इसके बजाय वह चाहते हैं कि स्कूली बच्चों को इस ऐतिहासिक युद्ध में भारत की वीरता और हमारे योद्धाओं के साहस की कहानियां सुनाई जानी चाहिए। जल्द इसके आदेश जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी सैनिक वर्दी में दिखे तो सम्मान का भाव अपने आप पैदा होता है। यही कारण है कि उन्होंने वर्दी में आने वाले सैनिकों का अपने दफ्तर में प्रवेश खुला रखा है।

इस अवसर पर विधायक गणेश जोशी ने शहीदों एवं सैनिक आश्रितों के लिए चलाई जा रही केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। अध्यक्षता करते हुए राजपुर रोड विधायक खजान दास ने सैनिक परिवारों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सैनिक कल्याण निदेशक ब्रिगेडियर सीबी चंद (सेनि), उपनल के एमडी बिग्रेडियर पीपीएस पाहवा (सेनि), सूबेदार ज्ञान सिंह बिष्ट (सेनि) समेत बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां एवं आश्रित मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि अगले वर्ष से शौर्य दिवस पर सरकार भव्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। गांधी पार्क में जगह कम होने के कारण यहां शहीद स्मारक पर केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होगा। अन्य कार्यक्रम किसी दूसरी जगह आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में शहीदों, पदक विजेताओं, पूर्व सैनिकों, सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण की कई योजनाएं चल रही हैं। सरकार ने गैलेंट्री अवार्ड जीतने वालों की पुरस्कार राशि और पेंशन में इजाफा किया। नई पीढ़ी तक शहीदों की गौरवगाथा को पहुंचाने के लिए प्रत्येक महाविद्यालय में शौर्य दीवार बनाई गई है।

ऐतिहासिक कारगिल युद्ध में शहीद हुआ हर सातवां जांबाज उत्तराखंड की वीर भूमि से निकला था। 45 दिन के युद्ध के दौरान कुल 527 योद्धाओं ने अपने प्राण न्योछावर किए थे, जिनमें 75 उत्तराखंडी थे। इसके अलावा 1363 जांबाज घायल भी हुए। गांधी पार्क में आयोजित शौर्य दिवस कार्यक्रम में ले. ज. ओपी कौशिक (सेनि) ने कारगिल युद्ध से जुड़ी यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 12 जून से 26 जुलाई तक चले युद्ध में पहली बार भारतीय सेना ने शहीदों के शव उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की, जहां उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ब्रिगेडियर केजी बहल (सेनि) ने मुख्यमंत्री के सामने शहीदों के परिजनों और पूर्व एवं वर्तमान सैनिकों की समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि जख्मी सैनिकों के लिए कोई योजना नहीं है। सीएसडी खरीद की सीमा और सामानों में कटौती की जा रही है। राज्य की सीएसडी में अन्य प्रदेशों की तुलना में 37 फीसदी अधिक एक्साइज ड्यूटी ली जा रही है।

कारगिल विजय दिवस को 19 साल हो गए हैं। हमारे देशवासियों के अंदर भी वही जज्बा है, जो हमारे जवानों के अंदर है। यह जज्बा देश की सुरक्षा और आने वाले खतरों का सामना करने में मदद करेगा। यह बातें बृहस्पतिवार को कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन के अध्यक्ष ब्रिगेडियर सुभाष पनवर ने कही। वह मिलन केंद्र से बाइक रैली को रवाना कर रहे थे। यह कार्यक्रम अमर उजाला और टीवीएस मोटर्स की ओर से आयोजित किया गया था। बाइक रैली को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह रहा। बारिश के बावजूद काफी संख्या में युवा कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन स्थित मिलन केंद्र पर एकत्र हुए। जहां देशभक्ति गीतों के बीच युवाओं ने बाइक रैली निकाली।

यह रैली मिलन केंद्र से निकली बाइक रैली टर्नर रोड, शिमला बाईपास, चंद्रबनी चौक, निरंजनपुर मंडी, जीएमएस रोड, बल्लूपुर चौक, चकराता रोड, घंटाघर, राजपुर रोड होते हुए गांधी पार्क पहुंची। जहां बाइक रैली का समापन हुआ। इस मौके पर टीवीएस मोटर्स के एरिया मैनेजर विशाल विक्रम सिंह, टेरेटरी मैनेजर रजत उपाध्याय आदि मौजूद रहे। इससे पहले कैंट बोर्ड के अध्यक्ष सुभाष पनवर ने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि शहीदों के सपनों का देश बनाएं, यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनके बलिदान को नहीं भुलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब तक हुए युद्धों में हमारी सेना ने दुश्मनों को अपनी ताकत का अहसास कराया है।

हरिद्वार में विजय दिवस का महाआयोजन पर भारी बारिश के बाद भी लोगों का जोश कम नहीं हुआ। शहर में पहली बार अमर उजाला, जुर्स कंट्री और अन्य सहयोगी संस्थाओं की ओर से श्रीचंद्राचार्य चौक पर आयोजित विजय दिवस समारोह में कारगिल के अमर शहीदों और जांबाजों को नमन करने के लिए लोगों का उत्साह थमने का नाम नहीं ले रहा था। श्रीचंद्राचार्य चौक पर आयोजित समारोह का हिस्सा बनने के लिए शहर की कई व्यापारिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि सुबह से ही जुटने लगे थे। छात्रसंघ प्रतिनिधियों और स्कूली छात्र-छात्राओं का जोश भी देखते ही बनता था।

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