कोरोना दवा की कीमतें बढ़ाने के लिए क्या हो रहा है खेल,कोविड से जुड़ी दवाओं में उछाल क्यों

Covid Vaccine Update: पहले चरण के लिए वैक्सीन का कर लिया गया है भंडार, जल्द  सरकार करेगी वितरण का खुलासा - Covid vaccine update january enough stock for  vaccine says modi govt -

देहरादून: कोरोना के इलाज-बचाव में प्रयोग में आ रहीं आईवरमैक्टिन-एजिथ्रोमाइसिन सहित कई दवाओं के दाम राज्यभर में बढ़ गए हैं। दवा कंपनियों इनके लिए अलग-अलग कीमत वसूल रही हैं।  कोरोना से बचाव के लिए बड़ी संख्या में लोग आईवरमैक्टिन टैबलेट खा रहे हैं। इलाज के दौरान भी यह दवा प्रयोग की जा रही है। दवा की भारी मांग का फायदा उठाते हुए कई कंपनियों ने इसके रेट बढ़ा दिए हैं। कुछ माह पूर्व इसके एक पत्ते की कीमत 195 रुपये थी जो अब बढ़कर 350 रुपये हो गई है। दून में मेडिकल स्टोर चलाने वाले अंशुल बताते हैं कि तमाम दवा कंपनियां इस दवा को अलग-अलग रेट पर बेच रही हैं। एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन के रेट में भी इजाफा हुआ है।  इस दवा का 10 गोली का पत्ता 65 रुपये का था जो अब 90 रुपये में मिल रहा है।

इसके अलावा कोरोना के उपचार में काम आ रहीं विटामिन सी, बी कॉम्पलेक्स व अन्य मल्टीविटामिन के दामों में भी भारी इजाफा हुआ है। धर्मपुर के पास मेडिकल स्टोर चलाने वाले दिवाकर बडोनी ने बताया कि कोरोना में प्रयोग हो रही अधिकांश दवाएं डीपीसीओ के तहत नहीं आतीं इसलिए कीमतों में इजाफा हुआ है। दून केमिस्ट होलसेल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष नंदा का कहना है कि कुछ कंपनियां पहले अपनी दवाओं की बिक्री बढ़ाने के लिए तय दर से कम पर बेच रहीं थी। इस बीच डिमांड बढ़ी तो उन्होंने डीपीसीओ द्वारा तय दरों को ही एमआरपी कर लिया। उन्होंने कहा, जरूरी दवाओं के दाम कंपनियां खुद नहीं बढ़ा सकतीं। कोई नया फार्मूला हो तो उसकी कीमतों में ही कुछ बदलाव किया जा सकता है। 

बैच नंबर बदलकर कीमत बढ़ाने का खेल कर रहीं कंपनियां 
दून में दवा की दुकानों पर काम करने वाले फार्मासिस्टों ने बताया कि कंपनियां नए बैच नंबर के साथ कीमत बढ़ाने का खेल कर रही हैं। बाजार में दवाओं की मांग बढ़ते ही नया बैच जारी कर दिया जाता है। छोटी कंपनियां कम उत्पादन दिखाकर लगातार बैच नंबर बदलती रहती हैं। इसके साथ ही दवा का मूल्य भी बढ़ा देती हैं। हर बैच नंबर के साथ दो से पांच रुपये तक की वृद्धि कर दी जाती है जो छह माह में दस से तीस प्रतिशत तक पहुंच जाती है। 

मेडिकल उपकरणों के दाम भी आसमान पर
कोरोना से संबंधित दवाओं ही नहीं बल्कि मेडिकल उपकरणों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। इनकी कीमतों में एमआरपी में तो बदलाव नहीं हुआ है लेकिन बाजार में माल की कमी के कारण लोग इन उपकरणों के मुंहबोले दे रहे हैं। कोरोना संक्रमण में कमी के बावजूद अभी भी इन उपकरणों की सप्लाई सामान्य कीमतों पर नहीं हो पा रही है। आक्सीमीटर, नेबुलाइजर मशीन, थर्मामीटर, थर्मल स्कैनर आदि के दाम सामान्य दिनों से कई अधिक हैं। उदाहरण के लिए अलग अलग कंपनियों के 900 से 1300 रुपये में बिकने वाला आक्सीमीटर 2000 से 2500 रुपये तक बिक रहा है। आक्सीजन सिलिंडर पर लगने वाला आक्सीफ्लो मीटर 850 की बजाए अभी भी दोगुना कीमतों पर मिल रहा है। 

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *