गंगा एक्ट: 22 जून से अनशन कर रहे प्रो. जीडी अग्रवाल एम्स में भर्ती

D.NEWS DEHRADUN: जल त्यागने के अगले ही दिन बुधवार दोपहर को प्रशासन ने प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ ज्ञानस्वरूप सानंद को जबरन उठाकर ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती करवा दिया। मातृसदन के ब्रह्मचारियों ने प्रशासन पर धारा-144 के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई का विरोध किया है, लेकिन प्रशासन की टीम ने विरोध दरकिनार कर दिया। मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की ओर दावा किया गया है कि अस्पताल में भी उनका अनशन जारी है।

सानंद गंगा एक्ट लागू करने की मांग को लेकर 22 जून से मातृसदन आश्रम में अनशन कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने जल भी त्याग दिया था। इससे पहले हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को उनसे जल न त्यागने का आग्रह किया था, लेकिन सानंद ने उनका आग्रह ठुकरा दिया था। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी तीन बार अपने प्रतिनिधि भेजकर सानंद से अनशन समाप्त करने का अनुरोध कर चुके हैं। गडकरी के प्रतिनिधि के तौर केंद्रीय मंत्री जंलसंसाधन उमा भारती ने भी मातृसदन आश्रम में सानंद से मुलाकात कर अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया था। गडकरी से फोन पर वार्तालाप के बाद भी सानंद ने गंगा एक्ट लागू होने तक अनशन जारी रखने की बात कही। बुधवार दोपहर एक बजे सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह, सीओ कनखल स्वप्न किशोर और थानाध्यक्ष ओमकांत भूषण पुलिस फोर्स सहित मातृसदन आश्रम पहुंचे। ज्ञानस्वरूप सानंद के समर्थन में लोग विरोध प्रदर्शन न करें इसके लिए पहले ही क्षेत्र में धारा-144 लगा दी गई थी।

प्रशासन ने मातृ सदन के ब्रह्मचारियों को गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते सानंद को अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही। आश्रम के ब्रह्मचारियों प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। ब्रह्चारी दयानंद ने कहा कि प्रशासन धारा 144 का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कोर्ट के आदेश की आवमानना की बात कहते हुए हाईकोर्ट में अपील करने की बात भी कही। इसके बावजूद पुलिस ने जबरन सानंद को गाड़ी में बिठा लिया। हाईकोर्ट से पूर्व में मिले निर्देशानुसार प्रशासन ने सानंद को ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती करा दिया। सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह ने बताया कि सांनद के जीवन की रक्षा के लिए कार्रवाई की गई। सानंद ने जल, शहद और नमक त्याग दिया था। इस कारण उनके जीवन को खतरा पैदा हो सकता था।

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