ठंडी नहीं हो रही चिताओं की राख, देहरादून में कोरोना से मौतें 18 दिन में हुए 600 अंतिम संस्कार

देहरादून: में कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना संक्रमित मरीजों व सामान्य मौतों के बाद शहर के मोक्षधामों में रोजाना बड़े पैमाने पर अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं। इसके चलते लंबे समय से मुक्तिधाम की राख ठंडी नहीं हो पा रही है। शहर के एक मुक्तिधाम में औसतन रोजाना 10 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार होता है।

शहर के तीन मुक्तिधामों में अप्रैल की तुलना में मई के 18 दिन में ही करीब 600 से अधिक कोरोना मरीजों व सामान्य मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। चंद्रबनी स्थित मुक्तिधाम के कर्मचारी रामचंद्र ने बताया कि अप्रैल में 163 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। 18 मई तक वह करीब 170 शवों का अंतिम संस्कार करा चुके हैं। 

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अप्रैल में 357 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था। 18 मई तक मुक्तिधाम में 310 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। रोजाना 10 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार होने से मोक्षधाम की राख रात को भी ठंडी नहीं हो रही है। लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए टोकन व्यवस्था की गई है।
-विनोद गोयल, मंत्री शिवाजी सेवा समिति

अप्रैल में 90 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था। 18 मई तक 130 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। मुक्तिधाम में पर्याप्त मात्रा में लकड़ी मौजूद है। यहां रोजाना 10 शवों का अंतिम संस्कार कराया जाता है।
-आशीष गुप्ता, सचिव, कैंट श्मशान घाट सेवा समिति

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