नकली रेमडेसिविर, ड्रग इंस्पेक्टर को ही थमा दी कहां से होती थी सप्लाई

देहरादून: आज के इस दौर में भी इन्सान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। नकली रेमडेसिविर के साथ गिरफ्तार महिला ने रुड़की के ड्रग इंस्पेक्टर को ही चार  इंजेक्शन दिए। मामले में फरार एक आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है। मामले में ड्रग इंस्पेक्टर रुड़की मानवेंद्र राणा ने भगवानपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। राणा ने कहा है कि वह रेमडेसिविर उपलब्ध कराने के लिए इंजेक्शन निर्माता कंपनियों के संपर्क में थे। इस बीच उनके पास कनिका पत्नी विनीत सिंह निवासी सिविल लाइंस रुड़की का फोन आया। उसने कहा कि वह ड्रग इंस्पेक्टर को व्यक्तिगत इस्तेमाल और बचाव के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलवा सकती हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि पहले तो उन्हें महिला की बात पर यकीन नहीं हुआ।

महिला बार-बार अनुरोध करती रही। महिला ने एक युवक के जरिए चार इंजेक्शन भिजवाए। उन्हें अपनी गाड़ी में रखकर विभागीय कार्यों में व्यस्त हो गए। दो मई को थानाध्यक्ष भगवानपुर पीडी भट्ट का फोन आया कि उनके एक परिचित को रेमडेसिविर की जरूरत है। ड्रग इंस्पेक्टर ने अपनी गाड़ी में रेमडेसिविर इंजेक्शन एसओ भगवानपुर को भेज दिए। एसओ को रेमडेसिविर के नकली होने का शक हुआ तो ड्रग इंस्पेक्टर को थाने आने को कहा। ड्रग इंस्पेक्टर और एसओ की संयुक्त जांच में इंजेक्शन नकली मिला।

पंजाब-हरियाणा से लाती थी इंजेक्शन
इसके बाद इंजेक्शन बिक्री करने वाली महिला कनिका को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। सख्ती से पूछताछ में उसने बताया कि पंजाब-हरियाणा से यह इंजेक्शन आते थे। उसने बताया कि वह शाहबा पुत्र सलीम निवासी आजादनगर, यमुनानगर से खरीदकर यह इंजेक्शन बाजार में बेचती थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। उसके साथी की तलाश की जा रही है।  

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