न बैंड होगा न बाजा, चैत्र पूर्णिमा पर कैसे होगा कुंभ हरिद्वार शाही स्नान

देवभूमि जनसंवाद न्यूज़ हरिद्वार कुंभ

देहरादून : हरिद्वार कुम्भ के मंगलवार को होने वाले चैत्र पूर्णिमा के शाही स्नान के दिन अखाड़े शाही जुलूस नहीं निकालेंगे। बैंड बाजा के साथ न जाकर कारों से शाही स्नान करने हरकी पैड़ी अखाड़े पहुंचेंगे। कई अखाड़े ओपन कारों में स्नान को आएंगे। स्नान से पहले मेलाधिकारी दीपक रावत और आईजी मेला संजय गुंज्याल ने संन्यासी अखाड़ों के अलावा बैरागी समेत अन्य अखाड़ों के साथ बैठक की। एक अखाड़े को 100 संत लाने की अनुमति दी गई है।  मेला पुलिस और प्रशासन ने अखाड़ों से शाही स्नान के दिन सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाकर स्नान को आने की अपील की। मेला प्रशासन की ओर से एक अखाड़े को अपने साथ 100 संतों को साथ लाने की अनुमति दी गई है। बैरागी अखाड़ों ने निर्णय लिया है कि तीनों अखाड़े एक साथ न जाकर अलग अलग स्नान को पहुंचेंगे।

निर्मोही अणि, निर्वाणी अणि और दिगंबर अणि तीनों सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अलग अलग स्नान को जाएंगे। शाही स्नान को लेकर अधिकारियों की जूना अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरी, निरंजनी अखाड़े के कुंभ मेला प्रभारी श्रीमंहत रविंद्र पुरी, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी,दिगम्बर अणि अखाड़ा के अध्यक्ष महंत रामकिशन दास नगरिया, निर्वाणी अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास, निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेन्द्र दास, राष्ट्रीय सचिव निर्वाणी अणि अखाड़ा श्री महंत गौरी शंकर दास, खाकी अखाड़ा अध्यक्ष महंत मोहन दास, श्री महंत ईश्वर दास, श्रीमहंत गोपाल दास के साथ बैठक की।

मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि पिछले शाही स्नान की तरह ही इस बार भी तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा के कड़े प्रबंध होंगे। आईजी मेला संजय गुंज्याल ने कहा कि संन्यासी अखाड़े और बैरागी अखाड़ों ने आश्वस्त किया कि बैंड बाजा के साथ जुलूस नहीं निकाला जाएगा। देवताओं को लेकर आने वाले संत ही पैदल होंगे, बाकि संत गाड़ियों में सवार होंगे।

अंतिम शाही स्नान को लेकर अखाड़े तैयार
चैत्र पूर्णिमा के अंतिम शाही स्नान को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निरंजनी अखाड़ा सबसे पहले शाही स्नान करेगा, हालांकि संन्यासी अखाड़े प्रतीकात्मक स्नान करेंगे। जबकि बैरागी अखाड़ों के संतों की संख्या सबसे अधिक रहेगी। 150 वाहनों की अनुमति बैरागी अखाड़ों को दी गई है। हाईवे के रास्ते ही अखाड़े हरकी पैड़ी पहुंचेंगे। बढ़ते कोरोना के संक्रमण के बाद पिछले शाही स्नान से कम ही भीड़ संतों की नजर आएगी। कुंभ के अंतिम शाही स्नान के लिए अखाड़ों का स्नान का क्रम और समय पुराना ही रहेगा। पूर्व में जारी स्नान क्रम ही अखाड़ों को मेला पुलिस की ओर से दिया गया है।

सुबह 9 बजे से 13 अखाड़े क्रमवार हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर गंगा स्नान करेंगे। सुबह 7:30 बजे तक आम श्रद्धालु हरकी पैड़ी पर स्नान कर सकेंगे। दोपहर में अखाड़ों को जल्द से जल्द स्नान कराने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए हरकी पैड़ी पर एंट्री दी जाएगी। शाम से पहले ही स्नान पूरा करा लिया जाएगा। सबसे पहले निरंजनी अखाड़ा, जूना, आह्वान, बैरागी, बड़ा उदासीन, नया उदासीन और अंत में निर्मल अखाड़ा स्नान करेगा।

संन्यासी अखाड़े 30 से अधिक वाहन लेकर अपने साथ स्नान को नहीं आ सकेंगे। 30 ही वाहनों की अनुमति दी गई है, जबकि बड़ा उदासीन और नया उदासीन को 50 वाहनों को अनुमति है। बैरागी के तीनों अखाड़े निर्मोही अणि, दिंगबर अणि, निर्वाणी अणि अखाड़ों को 150 वाहन लाने की अनुमति दी गई है। प्रधानमंत्री की प्रतीकात्मक स्नान की अपील के बाद संतों की संख्या मंगलवार को होने वाले शाही स्नान में कम नजर आएगी। सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर कोविड-19 के नियमों का पालन कराने पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि मेला आईजी संजय गुंज्याल ने दावा किया है कि गाइड लाइन का पूरी तरह पालन कराया जाएगा।

खुली रहेगी पार्किंग
शहर के बीच की पार्किंग पंडित दिन दयाल उपाध्याय पार्किंग को शाही स्नान के दिन खुला रखा जाएगा। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। क्योंकि यात्रियों की संख्या बेहद कम रहने वाली है।

हाईवे एक ओर से किया जाएगा बंद
संत हाईवे से ही हरकी पैड़ी की ओर से आएंगे। पूर्व स्नान में निर्धारित रूट ही रहेगा। एक ओर से हाईवे को रोका जाएगा। अखाड़ों के हाईवे पर होने पर ट्रैफिक को बंद किया जाएगा। हाईवे खाली होते ही तत्काल हाईवे खोल दिया जाएगा। रोक रोक कर हाईवे को चलाया जाएगा। एक ओर से हाईवे पूरी तरह बंद रहेगा। पंतद्वीप से लेकर ऋषिकुल हाईवे तक यह प्लान लागू किया जाएगा।

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