पहाड़ के बजाय मैदानी जिलों में ज्यादा लौट रहे प्रवासी

देहरादून : देश के कई हिस्सों में कोविड कफर्यू लागू होने के बाद, प्रवासी उत्तराखंडी अपने घर लौटने लगे हैं। लेकिन पिछली बार के विपरीत इस बार पहाड़ में प्रवासियों की आमद कम है। इसके मुकाबले देहरादून, हरिद्वार और यूएसनगर के ग्रामीण क्षेत्रों के प्रवासी ज्यादा लौट रहे हैं। प्रदेश सरकार ने पंचायतीराज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में लौट रहे प्रवासियों की निगरानी की जिम्मेदारी दी है। विभाग स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण के जरिए प्रदेश लौट रहे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का विवरण जुटा रहा है। 21 अप्रैल से अब तक प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 15,136 लोग अपने गांव लौट चुके हैं। इसमें सर्वाधिक 6363 लोग देहरादून जिले में लौटे थे। दूसरे स्थान पर हरिद्वार जिले में 1555 प्रवासी लौटे हैं। इसके बाद पौड़ी में 1393 और अल्मोड़ा में 1385 प्रवासियों की वापसी हुई है।

पिछली बार से अलग हालात
इस बार प्रवासियों के आने की स्थिति पिछली बार से उलट है। पिछली बार पहाड़ में कुल पौने तीन चार लाख से अधिक प्रवासी आए थे। अकेले  पौड़ी और अल्मोड़ा जिले में पचास-पचास हजार से अधिक प्रवासी लौटे थे। लेकिन इस बार पहाड़ पर बहुत कम प्रवासी लौट रहे हैं। विभाग के अनुसार इस बार कोविड कफर्यू कम शहरों में और छोटे अंतराल के लिए ही लगा है। साथ ही कल कारखाने भी चल रहे हैं। इस कारण पहाड़ पर लोगों की कम वापसी हुई है। दूसरी तरफ मैदानी जिलों में चूंकि आवाजाही आसान है, इसलिए लोग कम समय के लिए भी अपने घर  लौट आए हैं। 

प्रवासियों की निगरानी ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के जरिए की जा रही है। प्रवासियों के पास होम क्वारंटीन की सुविधा न होने पर, उन्हें स्कूलों, पंचायत भवनों में क्वारंटीन किया जा रहा है। फिलहाल सभी जगह हालात सामान्य है। 
एचसी सेमवाल, सचिव पंचायतीराज

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