बारिश से बेहाल पहाड़: उत्तराखंड के घनसाली में फटा बादल, 8 लोग मलबे में दफन, 3 की मौत

उत्तराखंड के पहाड़ों पर बारिश का कहर जारी है। बुधवार को तड़के टिहरी जिले के घनसाली में बादल फटने से एक ही परिवार के 8 लोग मलबे में दफन हो गए। जिनमें से 3 के शव निकाले जा चुके हैं।

जानकारी के मुताबिक घनसाली के कोट गांव में बुधवार की सुबह करीब चार बजे बादल फट गया। बादल फटने से यहां एक ही परिवार के 8 लोग मलबे में दफन हो गए।

जिस घर पर मलबा आया उसमें आठ लोग रहते थे, जिनमें से केवल एक छोटी बच्ची के बचे होने की खबर है। राहत बचाव दल मलबे में दबे लोगों को ढूंढने में जुट गया है। तीन बच्चों के शव बरामद किए जा चुके हैं। एक घायल बच्ची को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। चार लोग अभी भी मलबे में दबे हैं।

एसडीआरएफ और क्यूआरटी टीम खोज और बचाव कार्य में जुटी हैं। जिले के प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत, डीएम सोनिका सहित अन्य अधिकारी  घटना स्थल के लिए हुए रवाना हो चुके हैं।

आशीष पुत्र मोर सिंह, बबली पुत्री मोर सिंह, अतुल पुत्र हुकम सिंह राणा के शव बरामद हो चुके हैं। स्वाती पुत्री राकेश राणा को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मोर सिंह पुत्र उमा सिंह, हंसा देवी पत्नी मोर सिंह, संजू देवी पत्नी हुकम सिंह राणा और लछमी देवी पत्नी राकेश राणा अब भी मलबे में दबे हैं।

बदरीनाथ हाईवे छठे दिन भी लामबगड़ में अवरुद्ध

बदरीनाथ हाईवे छठवें दिन भी लामबगड़ में अवरुद्ध है। जिससे तीर्थयात्री यहां पर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। करीब 244 तीर्थयात्री  हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बुधवार की सुबह बदरीनाथ हाईवे दो और जगह मलबा आने से बंद हो गया। हाईवे कर्णप्रयाग से करीब 15 किमी. दूर देवलीबगढ़ और छिनका में भी बंद है। सुबह साढ़े नौ बजे देवलीबगढ़ में मार्ग आवाजाही के लिए खोल दिया गया।   बदरीनाथ हाईवे पर हर पांच किमी में रहेगी जेसीबी
वहीं बार-बार बाधित हो रहे बदरीनाथ हाईवे पर अब हर पांच किमी में एक जेसीबी तैनात रहेगी, ताकि हाईवे अधिक देर तक बंद न रहे। लामबगड़ और क्षेत्रपाल भूस्खलन जोन में हाईवे के बार-बार बंद होने पर डीएम ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने मंगलवार को जिला सभागार में जिले में निर्माणाधीन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और सड़क निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि अधिकारियों में आपसी समन्वय नहीं होने से ही बदरीनाथ हाईवे बार-बार बाधित हो रहा है। उन्होंने सभी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट, एनएचआईडीसीएल, बीआरओ, लोनिवि और पीएमजीएसवाई विभाग के अधिकारियों से उनके पास उपलब्ध  संसाधनों और मेनपावर की समीक्षा की। उन्होंनेे कहा कि आपदा की दृष्टि से चमोली जिला बहुत संवेदनशील है। विगत दिनों क्षेत्रपाल में बदरीनाथ हाईवे बंद होने पर कार्यदायी संस्थाओं में आपसी समन्वय की बहुत कमी देखने को मिली है, जिससे हाईवे को सुचारु करने में भी काफी समय लगा।
लोनिवि व पीएमजीएसवाई को सड़क कटिंग मलबे का उचित तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क कटिंग के मलबे से किसी भी प्रकार की परिसंपत्ति का नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। यदि सड़क निर्माण में परिसंपत्तियों के नुकसान की शिकायत मिली तो संबंधित सहायक अभियंता और जेई के वेतन से नुकसान की भरपाई की जाएगी।

30 अगस्त तक होगी हल्की से मध्यम बारिश

राजधानी दून में बुधवार को तड़के से ही रुक-रुक कर बारिश होती रही। दून के कई इलाकों में देर रात भी बारिश होती रही। तापमान में काफी गिरावट मसहूस की गई। वहीं राज्य के अधिकतर इलाकों में बादल छाए रहे। रुद्रप्रयाग में भी सुबह से बारिश जारी रही।

मंगलवार को दिन में कई चक्र बारिश हुई। दोपहर और रात के समय हुई भारी बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

राजधानी के कई इलाकों में मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई थी। इसके बाद 10 से 15 मिनट तक अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश से लोगों को दिक्कत हुई। दोपहर  2:30 बजे से तेज बारिश हुई। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई। वहीं, रात करीब आठ बजे फिर तेज बारिश शुरू हो गई।

करीब डेढ़ घंटे तक हुई बारिश से शहर के दर्शन लाल चौक, घंटाघर, अग्रसेन चौक, मोहकमपुर, जोगीवाला, रिस्पना पुल, धर्मपुर, स्व. अतुल माहेश्वरी चौक, सर्वे चौक, राजपुर रोड, चकराता रोड, सहारनपुर चौक, कौलागढ़ रोड, बल्लुपूर चौक, बल्लीवाला चौक, अनुराग चौक, बसंत विहार चौक, सीमाद्वार, क्लेमेंटटाउन, मोरावाला, टर्नर रोड समेत अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी।

मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मंगलवार को दिनभर में मोहकमपुर में 55 और सर्वे चौक में 40 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। फिलहाल 30 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद मौसम में बदलाव हो सकता है।

मुनस्यारी के थापा गांव में भारी बारिश से भू-स्खलन

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land slide – फोटो : amar ujala
पिथौरागढ़ में मुनस्यारी के थापा गांव में भारी बारिश से भू-स्खलन हो गया। दो मकान धराशायी हो गए, जिसमें एक बाइक दब गई। सात परिवारों को रात में ही प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया। नैनीताल जिले में बीती रात हुई तेज बारिश से मल्लीताल में सनवाल पब्लिक स्कूल के पीछे भूस्खलन हो गया और खेल मैदान का मलबा टिन से बने कक्षा कक्ष में जा घुसा। मलबा पूरी क्लास में जमा हुआ है। गनीमत रही कि घटना रात को हुई।

चमोली जिले के नारायणबगड़ में पिंडर नदी का कटाव कस्बे पर भारी पड़ा। पिंडर के किनारे पांच दुकानें भरभरा कर ढह गईं। उस वक्त दुकानों में कोई नहीं था। वहीं हरिद्वार के लक्सर में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तटबंध क्षतिग्रस्त होने से गंगा का पानी खेतों में जा घुसा, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है।

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