मनरेगा के तहत बंजर भूमि पर भी होगी खेती, उत्तराखंड में

बंजर होती धरती का दर्द

देहरादून : सीएम तीरथ सिंह रावत ने बंजर खेतों को मनरेगा के तहत आबाद करने को कहा है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी हुई सड़कों पर जल्द यातायात शुरू कराने के भी निर्देश दिए। वीडियो कांफ्रेंस के जरिये उन्होंने ग्राम्य विकास के अधीन पीएमजीएसवाई, पीएम आवास योजना, मनरेगा, दीनदयाल अंत्योदय एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और सीएम सीमांत क्षेत्र विकास योजना की समीक्षा की। उन्होंने सीमांत विकास कार्यक्रम के तहत उपलब्ध राशि के सौ फीसदी उपयोग को कहा।

सीएम ने कहा कि, मनरेगा के तहत बंजर खेतों को आबाद करने पर भी जोर दिया जाए। परिवहन विभाग बनी हुई ग्रामीण सड़कों के निरीक्षण के बाद वहां ट्रैफिक शुरू करवाए। सीएम ने आगे कहा कि, दस करोड़ रुपये से अधिक के कामों की जांच मुख्य अभियंता करेंगे। गुणवत्ता में कमी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विधायक निधि भी समय पर जारी करने और विधायकों के प्रस्तावों पर तेजी से काम करने के लिए कहा। पलायन रोकने के लिए पहाड़ों में रोजगार के संसाधन बढ़ाने पर भी जोर दिया। 

अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने सीएम को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस साल 2847 किमी सड़कें बनाई जा चुकी हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यभर में बारह हजार 421 आवास बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राज्यभर में 32 हजार महिला स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिससे तीन लाख महिलाएं जुड़ी हैं। इस समीक्षा बैठक में ग्राम्य विकास के अपर सचिव उदय राज और अपर सचिव डॉ. इकबाल अहमद भी मौजूद थे।

इस साल मनरेगा में 1.80 लाख लोगों का पंजीकरण
मनरेगा के तहत इस साल दो करोड़ 75 लाख मानव दिवस का लक्ष्य पूरा हो चुका है। सौ दिन रोजगार पूरा कर चुके लोगों को उत्तराखंड के बजट से अतिरिक्त 50 दिन का रोजगार दिया गया है। इस साल मनरेगा में 1.80 लाख नए पंजीकरण भी हुए। 1.44 लाख लोगों ने काम किया।

पांच जिलों के नौ ब्लॉकों में मूलभूत सुविधा पर फोकस
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत राज्य के पांच जिले-पिथौरागढ़, चम्पावत, चमोली, उत्तरकाशी और यूएसनगर के नौ ब्लॉकों में मूलभूत सुविधाएं मसलन, सम्पर्क मार्ग, स्वास्थ्य, पेयजल और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

वनाग्नि रोकने को हेलीकॉप्टर भी लगाएं
सीएम तीरथ सिंह रावत ने वन विभाग को निर्देश दिए कि वनाग्नि रोकने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी की जाए। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में वनाग्नि शमन को जरूरी होने पर हेलीकॉप्टर का उपयोग भी हो। सीएम ने पीसीसीएफ राजीव भरतरी को कहा कि, जंगलों की आग बुझाने में जान गंवाने वाले कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के परिवारों को तत्काल मुआवजा दिलाया जाए। 

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