देहरादून: (देवभूमि जनसंवाद न्यूज़) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और स्वदेश में ही रक्षा उपकरणों का उत्पादन करने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “रक्षा क्षेत्र में आत्म निर्भरता कॉल टू एक्शन” वेबिनार को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस साल के बजट में देश में ही उपकरणों के विनिर्माण पर अनुसंधान, डिजाइन और विकास के लिए एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की रूपरेखा है। उन्होंने कहा कि रक्षा बजट की लगभग 70 प्रतिशत धनराशि घरेलू उद्योगों के लिए रखी गयी है। उन्होंने कहा कि 2001 से 2014 तक की अवधि में केवल 200 लाइसेंस जारी किए गए थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष सात नए सार्वजनिक रक्षा उद्यम बनाए गए हैं, जो तेजी से कारोबार बढ़ा रहे हैं और नए बाजारों तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि घरेलू खरीद के लिए करीब 54 हजार करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले पांच से छह वर्षों में देश के रक्षा निर्यात में छह गुना वृद्धि हुई है और 75 से अधिक देशों को मेड इन इंडिया रक्षा उपकरण और सेवाएं प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा अब डिजिटल दुनिया तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन गया है।

