इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट, इसे सात जन्मों का बंधन न बनाएं: ओवैसी

केंद्र सरकार ने लोकसभा में ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019’ को चर्चा एवं पारित करने के लिये पेश किया जिसमें विवाहित मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की संरक्षा करने और उनके पतियों द्वारा तीन बार तलाक बोलकर विवाह तोड़ने को निषेध करने का प्रावधान किया गया है। इसी चर्चा में भाग लेते हुए AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार मुस्लिम महिलाओं पर जुल्म कर रही है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि तीन तलाक कानून महिलाओं के खिलाफ है और आप उनकों सड़क पर लाने का काम कर रहे हैं।
ओवैसी ने कहा कि इस्लाम में शादी एक करार है और आप इसे सात जन्मों का बंधन न बनाएं। तीन तलाक को लेकर पहले ही BJP की सहयोगी JDU ने इसका विरोध कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा महिलाओं को लेकर इतना सोचती है तो अपने सांसदों को पहले सबरीमाला मंदिर लेकर जाये। तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को निषेध करने वाले विधेयक को महिलाओं के लिए न्याय देने लिए उठाया गया कदम करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि नरेंद्र मोदी इसके जरिए प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी निभाते हुए मुस्लिम महिलाओं हक उनका दे रहे हैं जो राजीव गांधी ने 1980 के दशक में नहीं किया था। 

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *