सीतामढ़ी में 20 जुलाई तक सभी स्‍कूलें बंद

पटना । बिहार में मानसून की बारिश अब बिहार को बदहाल करने लगी है। रही-सही कसर अब बाढ़ पूरी करने में लग गयी है। बाढ़-बारिश से खासकर उत्‍तर बिहार त्राहिमाम कर रहा है। बारिश और बाढ़ का कहर देखते हुए सीतामढ़ी में डीएम रंजीत कुमार ने जिले में सभी सरकारी व गैरसरकारी स्‍कूलों को बंद करने का निर्देश दिया है। सीतामढ़ी के सुप्‍पी में परसा के पास तटबंध टूटने से लोगों में हाहाकार मच गया है। इसी तरह, सुपौल में कोसी के जल स्‍तर में तेजी से वृद्धि हुई है। वहां का सुरक्षा तटबंध टूट गया है। कोसी के भी जल स्‍तर बढ़ा।
गंगा के जल स्‍तर में वृद्धि देखा जा रहा है, जबकि कमला, बागमती समेत अधवारा समूह की नदियां उफनाई हुई हैं। यह सब नेपाल में भारी बारिश और वहां की पहाड़ी नदियों में काफी पानी आ गया है। नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में बांधों के टूटने व नदियों के उफान पर रहने से कई घरों में पानी घुस गया है। लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। वहीं सरकार ने भी माना है कि बिहार के छह जिलों में बाढ़ का प्रकोप जारी है। इसमें मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सीतामढ़ी, शिवहर और पूर्वी चंपारण शामिल हैं। वहीं गोपालगंज में भारी बारिश से दो मंजिला मकान भरभरा कर गिर गया। घर के लोग बाल-बाल बचे, लेकिन लाखों का नुकसान हो गया। 
सीतामढ़ी जेएनएन के अनुसार, जिले में लगातार जारी बारिश के बाद इलाका बाढ़ की चपेट में है। शनिवार को सुप्पी प्रखंड के परसा गांव में बागमती नदी का तटबंध टूटने से सुप्पी और मेजरगंज के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं हजारों हेक्टेयर खेत में लगी फसलें दह गईं। अफरातफरी के बीच लोग स्कूल और सामुदायिक भवन समेत ऊंचे स्थलों पर पनाह लेने को विवश हैं। बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं। डीएम ने जिले सभी सरकारी व प्राइवेट स्‍कूलों को 20 जुलाई तक बंद रखने का निर्देश दिया है। इधर, बागमती, लखनदेई, झीम, रातों, मरहा और लालबकेेया आदि नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बेलसंड के मारड़ के पास बागमती नदी में जबरदस्त कटाव जारी है। अधिकारियों की टीम बांध मरम्मत में लगी है। लोगों में दहशत है।

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