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उमेश कुमार को कोर्ट से मिली सशर्त जमानत, रिहा होने में पेच

उमेश कुमार को कोर्ट से मिली सशर्त जमानत, रिहा होने में पेच

स्टिंग कर ब्लैकमेल करने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश कुमार के जेल से बाहर आने में फिलहाल कानूनी पेच फंस गया है।

D.NEWS DEHRADUN:  उत्तराखंड के कद्दावर नेताओं और नौकरशाहों के स्टिंग कर ब्लैकमेल करने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश कुमार के जेल से बाहर आने में फिलहाल कानूनी पेच फंस गया है। हालांकि, शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम आरएस खुल्बे की अदालत ने आरोपित की सशर्त जमानत मंजूर कर दी है, लेकिन इस बीच उमेश के खिलाफ रांची की कोर्ट से वारंट आ जाने की स्थिति में अब जेल प्रशासन उमेश को छोड़ने से पहले रांची की कोर्ट में पेश कर सकती है।

नैनीताल हाईकोर्ट के निर्देश के क्रम में शुक्रवार को उमेश कुमार की जमानत याचिका पर अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि पुलिस के पास उमेश के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। वह मनगढ़ंत कहानी बनाकर उमेश को फंसाना चाह रही है। वहीं अभियोजन पक्ष ने विवेचना प्रभावित होने का हवाला देते हुए उमेश की जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने 50 हजार रुपये के बंध पत्र और दो जमानती पेश करने की स्थिति में जमानत मंजूर कर दी। अदालत ने यह भी कहा कि उमेश किसी भी सूरत में देश छोड़ कर नहीं जाएगा और पुलिस जांच में सहयोग करेगा। साथ ही किसी को धमकी भी नहीं देगा।

अदालत से रिलीज ऑर्डर देर शाम तक जेल नहीं पहुंच सका था। हालांकि, रिलीज ऑर्डर पहुंचने के बाद भी उमेश के जेल से फिलहाल बाहर आने में पेच फंस गया है। वह इसलिए कि उमेश पर बीते चार नवंबर को रांची (झारखंड) के अरगोड़ा थाना में राजद्रोह का मुकदमा पंजीकृत है। यह मुकदमा वहां के किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमृतेश सिंह ने दर्ज कराया है। उमेश पर आरोप है कि उसने अमृतेश से उत्तराखंड सरकार के खिलाफ झूठे सबूत मांगे थे, जिसे न देने पर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। इस मामले में रांची की कोर्ट से उमेश के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। जेल अधीक्षक ने वारंट मिलने की पुष्टि की है। वारंट में उमेश को 24 नवंबर को रांची की कोर्ट में पेश करने को कहा गया है। ऐसे में उमेश को जेल से रिहा करने से पूर्व जेल प्रशासन उसे रांची कोर्ट में पेश कराने ले जाया जा सकता है।

गाजियाबाद से हुई थी उमेश की गिरफ्तारी

स्टिंग प्रकरण में आरोपित उमेश कुमार को 28 अक्टूबर को गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। 29 अक्टूबर को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इस बीच पुलिस ने रिमांड लेकर उमेश से पूछताछ भी की, लेकिन कोई खास जानकारी पुलिस के हाथ नहीं लगी। उसने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के पासवर्ड तक को बताने से इन्कार कर दिया। हालांकि, बाद में पुलिस ने दोबारा कस्टडी रिमांड मांगी, लेकिन अदालत ने रिमांड देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उमेश का नार्को टेस्ट कराने का प्रार्थना पत्र अदालत में दिया, लेकिन बचाव पक्ष के प्रार्थना पत्र पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने सभी टेस्ट पर रोक लगाते हुए निचली अदालत में दी गई जमानत अर्जी को तल्काल निस्तारित करने का आदेश दिया था।

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