कोरोना महामारी के चलते अभिभावकों और स्कूल के बीच फीस को ले कर हो रही समस्या का समाधान दे रहा फाइनेंसपीयर

देहरादून : कोरोना महामारी के चलते अभिभावकों और स्कूल के बीच फीस को ले कर हो रही समस्या का समाधान दे रहा फाइनेंसपीयर

• अभिभावक अब स्कूल की फीस 0 % व्याज दर पर हर महीने चुका सकेंगे
• कंपनी स्कूल / एजुकेशन इंस्टिट्यूट को पूरे साल की फीस एक साथ एक बार में देगी

नयी दिल्ली : पूरा देश लगभग 3 महीने से कोरोना वायरस की चपेट में है, लॉकडाउन और अनलॉक के बाद भी स्कूल / कॉलेज और शिक्षण संस्थान अभी भी नहीं खुले है और कम से कम 1 -2 महीने अभी यह स्तिथि और रहने वाली है। जहाँ एक तरफ लाखों लोग बेरोजगार है गए है वही दूसरी तरफ जिनके पास रोजगार है उनके वेतन मे कटौती है चुकी है। इस परिस्तिथि मे अभिभावकों को स्कूल की भारी-भरकम फीस देने मे मुश्किल आ रही है और स्कूल पूरी फीस लेने को बाध्य है। शिक्षण संस्थान के लिए भी फीस लेना जरूरी है क्योकि उनको भी टीचर तथा अन्य स्टाफ को सैलरी देना हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मेन्टेन करना है। चुनौती दोनों पक्षों के लिए है और इस चुनौती का हल निकालने के लिए देश के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप कंपनी फाइनेंसपियर एक सोल्युशन लेकर आयी है और यह दोनों पक्षों के लिए बहुत उपयोगी है।

अभिभाकों के लिए फाइनेंसपियर ने 0% व्याज दर पर फीस का ऑप्शन दिया है, जिसमे अभिभावक कंपनी को हर महीने सरल किश्तों मे फीस दे सकते है और उनसे इस पर कोई व्याज भी नहीं लिया जायेगा। कोविड को देखते हुए उनको 3 महीने की किश्त देने मे देरी का भी एक ऑप्शन है और वो अगस्त से किश्त दे सकते है।

शिक्षण संस्थान को भी पैसों की सख्त जरूत है क्योकि उनको टीचर समेत अन्य स्टाफ को भी सैलरी देना है और साथ-साथ संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मेन्टेन करके रखना है जो कि कठिन काम है। ऐसे मे फाइनेंसपियर स्कूल / कॉलेज और अन्य इंस्टिट्यूट को सारे स्टूडेंट्स की पूरे साल की फीस एकमुश्त देता है जिससे कि संस्थान को पैसो कि कमी न है और वो अपने सारे खर्चे यथापूर्वक मैनेज कर सके।

इस योजना के बारे मे बताते हुए फाइनेंस पियर के संस्थापक रोहित गजभिये कहते है कि ” हमारा उद्देश्य है कि पैसो कि कमी के कारण चाहे स्टूडेंट है या स्कूल कोई भी उच्तम श्रेणी की शिक्षा लेने या प्रदान करने से मरहूम न रहे। इसलिए हमने क़्वालिटी एजुकेशन देने मे सहायता के लिए इस योजना की शुरआत की है। हम अभिभावक पर कोई एक्स्ट्रा दवाब न पड़े इसके लिए कोई भी व्याज नहीं ले रहे है तथा और 3 महीनो की किश्तों मे देरी की भी छूट भी दे रहे है वही स्कूल की पैसो की जरूत को पूरा करने के लिए एक साथ सारे बच्चों की पूरे साल की फीस एकमुश्त दे रहे है ताकि वो समय से अपने स्टाफ की सैलरी दे सके और साथ ही अन्य जरूरत को भी पूरा कर सकें। इसके लिए हम स्कूल से एक मामूली कमीशन लेते है क्योकि उनको पूरे साल का पैसा एकसाथ मिल रहा है।

फाइनेंस पियर अभी तक देश भर मे 2000 से जयादा स्कूल के साथ इस तरह का समझौता कर चुका है और लाखों अभिभावक और स्टूडेंट्स इसका फायदा ले रहे है। इसके साथ ही कंपनी वर्चुअल (ऑनलाइन) एजुकेशन को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए कई योजनाओ पर काम कर रही है जिससे की क़्वालिटी एजुकेशन की पहुँच देश के हर एक कोने पर हर बच्चे तक पहुंचे।

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *