D.J.S News Dehradun : राजकीय इंटर कॉलेज छरबा में आज मई दिवस के उपलक्ष में छात्र-छात्राओं को बाल श्रम एवं भीख मांगना जैसी समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद के सदस्य जितेंद्र सिंह बुटोइया ने बताया कि 1 मई को विश्व मजदूर दिवस के रूप में बनाया जाता है जिसमें दुनिया के मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है कि उनको जानकारी दी जाए न्यूनतम मजदूरी उनको मिल सके इसके बारे में भी जागरूक हो साथ ही उन्हें काम के घंटे जो अब 8 घंटे है इसके अतिरिक्त यदि उनसे कार्य लिया जाता है तो उन्हें दुगना परिश्रम भुगतान मिलना चाहिए उन्होंने बताया कि श्रम का अर्थ किसी संस्था के लिए शारीरिक व मानसिक कार्य जिसके बदले पारिश्रमिक दिया जाता है उसे श्रम कहते हैं । भारतवर्ष में एवं पूर्ण संसार में कार्य के घंटे 12 या इससे अधिक हुआ करते थे परंतु धीरे धीरे श्रमिकों के जागरूक होने के बाद भारत में संविधान निर्माता एवं पहले कानून मंत्री भारत रत्न डॉ बी आर अंबेडकर ने कार्य के घंटे न्यूनतम मजदूरी मजदूरों को चिकित्सा सुविधा आवास सुविधा आदि पर संविधान में व्यवस्था की है जिस कारण श्रमिकों की स्थिति में सुधार हुआ है लेकिन आज भी बाल श्रम बंधुआ मजदूरी एवं भीख मांगना जैसी समस्याएं भारत में विद्यमान होते हुए चिंता का विषय है। भारतवर्ष में एवं संसार में श्रमिकों की बढ़ती जागरूकता के कारण ही विभिन्न श्रमिक संगठनों का उदय हुआ जो आज श्रमिक हितों के लिए मांग करते हुए संघर्ष करते रहते हैं एवं अपनी मांगों को पूरी करवाने के लिए प्रयासरत हैं किंतु समस्याएं आज भी विद्यमान हैं इसका एक मुख्य कारण बेरोजगारी भी है और बेरोजगारी का मुख्य कारण हमारी बढ़ती हुई जनसंख्या एवं संसाधनों की कमी के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा की कमी भी है। बुटोइया ने कहा कि यदि छात्र जीवन में हम शिक्षा के महत्व को समझेंगे तो निश्चित रूप से भविष्य में रोजगार के साथ साथ ही एक अच्छे नागरिक का निर्माण कर सकेंगे इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों शिक्षिकाओं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों सहित समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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