श्री हरिकिशन संतोषी जी का हुआ निधन


देहरादून/अलीगढ़( उत्तर प्रदेश)वाल्मीकि समाज कि आन,बान, शान देश में बनाने बाले प्रचंड विद्वान साहित्यकार, ओजस्वी, प्रखरवक्ता पूर्व कलेक्टर नाजिर, पूर्व डिप्टी कलेक्टर, भारत सरकार के पूर्व कमिश्नर इनकमटैक्स, जैसे बड़े-बड़े पदों पर रहकर वाल्मीकि शिरोमणी, वाल्मीकि अनमोल रत्न श्री हरिकिशन संतोषी जी हमारे बीच में नहीं रहे, उनका निधन 22 दिसम्बर को दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में अचानक हार्ट अटैक का दौरा पड़ जाने के कारण हो गया था!
अलीगढ उनके आवास रामघाट रोड़ पर पूर्व केन्द्रीय राज्यमन्त्री दर्जा प्राप्त, पयरव काँग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्योराज जीवन उनके आवास पर दुःखद समाचार प्राप्त होते ही पहुँचे, उनके साथ काँग्रेस से दो बार विधायक का चुनाव लड़े, पूर्व काँग्रेस के प्रदेश महासचिव श्री राजेश राज जीवन जी भी थे!
श्योराज जीवन ने उनके चित्र पर फूल मालाएँ अर्पित करके उन्हें श्रद्धा सुनम अर्पित कर भावपूर्ण शौक श्रंदांजली अर्पित। करते हुए कहा कि। 50 वर्ष पूर्व स्वर्गीय श्री हरीकिशन संतोषी जी ने समाज में शिक्षा कि क्रान्ति कि धारा बहाई थी, वह अम्बेडकर वादी थे, उन्होंने धर्म परिवर्तन कर बोध धर्म अख्तियार कर लिया था, वह कहते थे, हिन्दू धर्म सबसे खोटा धर्म है, हिन्दू धर्म ने हमारा हमेशा तिरस्कार, वहिष्कार अपमानित करने के अलावा और कुछ नहीं किया, आज मैं जो हुँ, वह बाबा साहेब जी के आशीर्वाद से शिक्षा ग्रहण करके हुँ
स्वर्गीय श्री हरीकिशन संतोषी जी महान उच्च क्रांतिकारी विचारक थे, जातिवाद धर्मवाद भेदभाव को समाप्त करने के लिए उच्च पदों पर कर भी सार्वजनिक रूप एक वीर सुरमा कि तरह काम किया करते थे, उन्होंने वाल्मीकि समाज के बहुत लोंगों को सरकारी जोब भी लगवाई ऐसे उच्च कोटि के वीर पुरुष हजारों हजारों वर्षों बाद पैदा होते हैं, उनके चरणों में बैठकर मेने उनसे बहुत कुछ शिक्षा (सीखा) हासिल उनके निधन से समाज को जो छति हुई है, उसकी पूर्ति होना असम्भव है!
समस्त संतोषी परिवार की बड़ी सपुत्री श्रीमती नवीनता संतोषी जी, सपुत्र श्री नीरज संतोषी जी सहित सभी परिवार को सांत्वना दी!
सभी लोंगों ने दो मिनट खड़े होकर मोन धारण कर शौक श्रंदांजली अर्पित करते हुए भगवान जी से प्राथना कि की भगवान दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में लेकर उनको मोझ प्रदान कर ओर शोकाकुल परिवार को इस महान दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे!

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