अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया गया दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2021- ‘संभवामि युगे युगे’

देहरादून। उत्तराखंड कोविड वैश्विक महामारी के इस संघर्ष पूर्ण दौर मे, जहां हर ओर लोग आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य समस्याओं, मानसिक तनाव अथवा पारिवारिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, वहां आध्यतामिकता ही मानवता को संतोष व धीरज प्रदान करने का एक मात्र उपाय है। अध्यात्म के द्वारा ही एक व्यक्ति किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थितियों से सहजता से बाहर निकल सकता है। यह एक ऐसा सार्वभौमिक सत्य है जिसे समय-समय पर हमारे संतों महापुरुषों ने मानव जाती को याद कराया है। आज भी, दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक एवं संचालक, लोगों को न केवल अध्यात्म के महत्व से परिचित करवा रहे हैं अपितु  इसके सार को मानव के आंतरिक जगत में ‘ब्रह्मज्ञान‘- आत्म साक्षात्कार का सनातन विज्ञान के द्वारा प्रयोगात्मक ढ़ंग से प्रकट भी कर रहे हैं।

विश्व भर के असंख्य लोगों की आध्यात्मिक तृप्ति हेतु, डी.जे.जे.एस. ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2021 के शुभ अवसर पर ‘संभावमी युगे युगे’ विषय पर आधारित एक विशेष सामाजिक-सांस्कृतिक- आध्यात्मिक वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया। उक्त विषय श्रीमद् भगवत गीता मे बताए गए भगवान श्री कृष्ण के सार्वभौमिक उद्घोष- ‘पवित्र आत्माओं के कल्याण व अधर्मियों के विनाश हेतु मैं धरती पर अवतार लूँगा’ पर आधारित था। इस भव्य ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रसारण डी.जे.जे.एस. यूट्यूब चैनल [youtube.com/djjsworld], के माध्यम से 29 और 30 अगस्त को क्रमशः दो एपिसोडों – भाग 1 और भाग 2 मे किया गया एवं सम्पूर्ण कार्यक्रम का पुनः प्रसारण जन्माष्टमी की रात्री यानि 30 अगस्त, 2021 को रात 8 बजे से मध्यरात्रि 12 ख्प्ैज्, तक किया गया। करोड़ों लोगों ने यूट्यूब के माध्यम से घर बैठे ही इस दिव्य कार्यक्रम का लाभ उठाया। साथ ही इन दो दिनों मे दिन मे कई कई बार सोशल मीडिया ऐप ट्विटर पर #DJJSJamashtami व #SambhavamiYugeYuge  हैशटेग ट्रेंडिंग में रहे। संस्थान के मन्त्रमुग्ध कर देने वाले संगीत व नृत्यनाटिकाओं को इंस्टाग्राम रील्स मे भी खूब सराहा गया।  

इस आयोजन में न केवल श्री कृष्ण को लेकर समाज में फैली मनगढ़ंत धारणाओं और भ्रांतियों को दूर किया गया बल्कि यह भी समझाया गया कि जन्माष्टमी का पर्व केवल दही-हांडी, उपवास या सजावटी झांकी तक ही सीमित नहीं है। बल्कि यह भगवान कृष्ण की दिव्य शिक्षाओं को आत्मसात करने और उनके दिखाए आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का पर्व है। क्यों श्री कृष्ण का अवतार लेना एक उत्सव है ? श्री कृष्ण की शाश्वत चेतना आज भी आपके जीवन को किस प्रकार दिव्य बना सकती हैं ? क्या आप केवल श्रीकृष्ण में विश्वास करते हैं या उनकी आज्ञा भी मानते हैं ? जन्माष्टमी के मूल पहलुओं को उजागर करते हुए इन सभी प्रश्नों के उत्तरों को विभिन्न माध्यमों से दिया गया। कार्यक्रम में जगतगुरु भगवान श्री कृष्ण को भक्तिमय वंदन अर्पित किया गया। श्रीमद्भगवत गीता में निहित आध्यात्मिक रत्नों को प्रस्तुत किया गया। श्री कृष्ण की जीवन गाथाओं को ज्ञानवर्धक नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से रखा गया एवं विद्वान प्रचारकों के द्वारा श्रीकृष्ण की लीलाओं का विश्लेषण किया गया।

भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को प्रदत्त ‘गीता-ज्ञान’ य भगवान विष्णु के दो द्वार पाल ‘जय-विजय’ की गाथा जिन्हें अहंकार के वशीभूत धर्म पथ को त्यागने के कारण शाप मिलाय मीराबाई जी की भक्ति को दर्शाती ‘प्यारे दर्शन दीजो’ आदि रोमांचक नाट्य कार्यशालाएं, ‘केशव माधव’ व ‘गुरु वंदना’ पर नृत्य नाटिकाएँ अथवा श्री कृष्ण की मंगल आरती इस भव्य कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे। इन सभी प्रस्तुतियों का सबसे विशेष पक्ष इनमे निहित सेवा भावना थी। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम मे भाग लेने वाले सभी कलाकारों में कोई भी इस कला मे पारंगत, नाम, प्रसिद्धि व पैसे के लिए काम करने वाला पेड-प्रॉफेश्नल नहीं था अपितु ये सभी युवा दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के निस्वार्थ, समर्पित, जागृत ब्रह्मज्ञानी शिष्य थेय जिन्होंने समाज कल्याण की भावना से प्रेरित होकर इस कार्यक्रम मे अपना सर्वस्व लगाया। प्रत्येक प्रस्तुति दिव्य उत्साह व ऊर्जा से परिपूर्ण रही क्योंकि प्रस्तुति के पहले सभी कलाकार ब्रह्मज्ञान आधारित ध्यान साधना करते। इस कार्यक्रम में मंच पर एक उच्च दर्जे का अनुशासन देखा गया, युगल प्रस्तुतियों में जो युगल कपल्स इन नाट्य प्रस्तुतियों में देखे गए वो वास्तविक जीवन में भी विवाहित हैं।

यह कार्यक्रम जिसे विश्व भर से असंख्य दर्शकों ने घर बैठे ही देखा, इसे व्यापक मीडिया कवरेज और सभी से सराहना प्राप्त हुई।

यद्यपि संस्थान तीन दशकों से अधिक समय से बड़े पैमाने पर जन्माष्टमी कार्यक्रम आयोजित कर रहा है परंतु यह कार्यक्रम सबसे खास और अनूठा था क्यूँकि डी.जे.जे.एस. की 350 से अधिक विश्वव्यापी शाखाओं से दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के सभी आयु वर्ग के हजारों शिष्य, अपने घरों से बाहर आए और स्कूलों, कॉलेजों, विश्व विद्यालयों, मंदिरों, मॉल, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों में, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया गया। इस दिव्य कार्यक्रम ने न केवल ‘वसुदेव कुटुम्बकम’ की भावना को जागृत किया बल्कि इसे वास्तविक रूप मे साकार भी कर दिखाया। सुप्रसिद्ध कॉफी शॉप चेंन कैफे कॉफी डे (सी.सी.डी) के देश भर मे लगभग 75 सेंटर्स मे बढ़ चढ़ कर कार्यक्रम का डिजिटल विज्ञापनों द्वारा प्रचार हुआ। इतना ही नहीं, दुनिया भर के स्थानीय मीडिया ने भी अपने संबंधित समाचार चौनलों और समाचार पत्रों के माध्यम से इस कार्यक्रम का प्रचार किया। इसके साथ साथ, अहमदाबाद के सुप्रषिद्ध कर्णावती क्लब व राजपथ क्लब और साथ ही बिहार, उत्तरप्रदेश और उड़ीसा के ग्रामीण क्षेत्रों और दूर दराज के इलाकों में कार्यक्रम की सामुदायिक डिजिटल स्क्रीनिंग भी की गयी।
बड़ी संख्या में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रभावशाली और दिग्गज व्यक्तित्व जैसे कि बॉलीवुड अभिनेता और प्रसिद्ध हस्ति – श्री अखिलेंद्र मिश्र जिन्हें क्रूर सिंह के रूप में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है, नेशनल सिंगिंग रियलिटी शो ‘वॉयस ऑफ इंडिया किड्स’ विजेता- सुश्री निष्ठा शर्मा, प्रसिद्ध भोजपुरी अभिनेता और राजनेता – श्री रवि किशन, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक – मेमरी गुरु सुधांशु सिंघल, प्रसिद्ध लेखक और पत्रकार- श्री संदीप देवय प्रसिद्ध हास्य कलाकार श्री दीपक राजा और श्री मणि लहरीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्द यू.पी.एस.सी. परीक्षा के कोच श्री अवध ओझाय मोटिवेशनल स्पीकर और लाइफ कोच डॉ. श्याम सुंदर पाठकय कल्चर क्रिएटर, पीक परफॉर्मेंस कोच, स्टोरी टेल्लर व लेखक सुश्री रिंकू साहनी जी, अभिनेता, मॉडल, इंजीनियर श्री वरुण जोशी, ऑस्ट्रेलिया की ब्रिस्बेन शहर में ऑस्ट्रेलियन इंडियन रेडियो के सी.ई.ओ. श्री उमेश चंद्र ओम, यू.के. के एल्पाइन ग्रुप की निर्देशिका डॉ. गुरप्रीत कहलों कोहली, भारतीय टेलीविजन अभिनेत्री सुश्री स्मृति कश्यप, डब्लू.डब्लू.ई. चौंपियन द ग्रेट खली, विश्व मानवाधिकार संगठन के निदेशक प्रमुख श्री विवेक अग्रवाल, खासयोल छावनी बोर्ड के सी.ई.ओ. श्री अजय सहगल, बिजनेस कोच और सनसिटी सोलर प्राइवेट लिमिटेड के एम.डी. श्री राकेश भाटी, आसरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष श्री आर.के. गोयल, इनवर्टिस यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के कुलाधिपति डॉ. उमेश गौतमय प्रसिद्ध भजन गायक श्री नंदू मिश्र, प्रसिद्ध पंजाबी गायक श्री विपुल मेहता, श्री तेजी संधू और श्री फिरोज खान, पंजाबी गायक और लेखक सत्ती खोखेवालिया, संगीत कलाकार और गायक श्री मदन मद्दी, और कई अन्य लोगों ने और देहरादून शाखा से श्री सुनील उनियाल गामा जी मेयर देहरादून, श्री विनोद चमोली विधायक बी.जे.पी धरमपुर श्री खजान दास जी विधायक बी.जे.पी राजपुर देहरादून, श्री सुरेश राठौर विधायक बी.जे.पी ज्वालापुर हरिद्वार, श्री मनोज जाटव नगर निगम पार्षद देहरादून श्री सुरेंदर सिंह नेगी पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, श्रीमति कौशल्या बंधु रिटायर्ड एडीशनल डायरेक्टर इंडस्ट्रीज उत्तराखंड श्रीमति जया बलूनी डी.एस पी देहरादून, दिलीप सिंह राठौर ब्यूरो चीफ उत्तराखंड प्रिया गुलाटी फाउन्डर तेजस्वनी सक्सेस स्टोरी, डॉक्टर पारूल दीक्षित एच.ओ.डी.लॉ डिपार्ट्मन्ट डी.ए.वी. कॉलेज उत्तराखंड, पुनीत सहगल व्यापार मण्डल अध्यक्ष, डॉक्टर दिव्या नेगी घई फाउन्डर ऑफ यूथ रॉक फाउंडेशन, कैप्टन वीर सिंह रावत और कई अन्य लोगों ने जन्माष्टमी को अपने सोशल मीडिया हैंडल के साथ-साथ वीडियो संदेश द्वारा बढ़ावा दिया और आयोजन को एक शानदार सफलता दिलाई।
डी.जे.जे.एस. एक अलाभकारी सामाजिक-आध्यात्मिक संगठन है जो विश्व स्तर पर नौ-आयामी सामाजिक सुधार और कल्याण कार्यक्रमों- लिंग समानता, शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य, नशीली दवाओं के दुरुपयोग उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय गाय नस्ल सुधार और संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विकलांगों और कैदियों के सशक्तिकरण के साथ-साथ कॉर्पोरेट क्षेत्र और युवाओं के सशक्तिकरण, के माध्यम से सार्वभौमिक भाईचारे और शांति की स्थापना के लिए काम कर रहा है।

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