उत्तराखंड में खुलेगी देश की पहली जैविक कृषि उत्पाद मंडी

देहरादून। उत्तराखंड में देश की पहली जैविक कृषि उत्पाद मंडी खुलेगी। इसके लिए उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड ने कवायद शुरू कर दी है। हल्द्वानी में जैविक मंडी के लिए भूमि चिन्हित की गई है। जल्द ही यह भूमि हल्द्वानी कृषि मंडी समिति के नाम हस्तांतरित की जाएगी।

इस मंडी के खुलने से ऑर्गेनिक खेती कर रहे किसानों के कृषि उत्पादों के लिए बाजार तैयार होगा। वहीं, प्रदेश समेत अन्य दूसरे राज्यों के व्यापारियों को एक ही जगह पर जैविक उत्पाद खरीदने की सुविधा मिलेगी। उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के माध्यम से प्रदेश में 23 फल-सब्जी मंडी स्थापित हैं। जहां पर सभी प्रकार के कृषि उत्पादों का कारोबार किया जाता है। प्रदेश में ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए अलग से कोई मंडी नहीं है। इधर प्रदेश सरकार किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। इसी के चलते सरकार ने ऑर्गेनिक उत्पादों की मार्केटिंग के लिए मंडी बोर्ड की ओर से जैविक कृषि उत्पाद मंडी खोलने को मंजूरी दी है। इसके लिए हल्द्वानी मंडी समिति के समीप ही बोर्ड ने भूमि का चयन कर लिया है। यह भूमि जल्द ही मंडी समिति के नाम स्थानांतरित कर दी जाएगी। बोर्ड का दावा है कि यह ऑर्गेनिक मंडी देश की पहली मंडी होगी। जहां पर सिर्फ जैविक उत्पादों का कारोबार होगा। यहां पर किसानों से ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन उत्पाद की खरीद होगी। इसके साथ ही आढ़तियों का भी प्रमाणीकरण भी किया जाएगा।

80 हजार किसान कर रहे 176279 क्विंटल जैविक फसलों का उत्पादन

प्रदेश के नैनीताल, पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली जिले के किसानों के अलावा जैविक उत्पादन परिषद के 500 क्लस्टरों में जैविक खेती हो रही है। परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत करीब 80 हजार किसान ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं। ये किसान मंडुवा, गहत, बासमती चावल, मक्की, चौलाई, सोयाबीन, काला भट्ट, रामदाना, राजमा, गेहूं, मसूर, सरसों के अलावा सब्जी व मसाले का उत्पादन कर रहे हैं। प्रदेश में 176279 क्विंटल जैविक कृषि उत्पादों का उत्पादन हो रहा है। जिसकी मार्केट वैल्यू करीब 4254 लाख रुपये हैं।

मंडी बोर्ड का प्रयास है कि प्रदेश में ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसानों को बेहतर मार्केटिंग की सुविधा मिले। इस क्रम में हल्द्वानी में प्रदेश व देश की पहली जैविक मंडी स्थापित की जाएगी। जहां किसानों को अपने ऑर्गेनिक उत्पाद बेचने के लिए बाजार मिलेगा। वहीं, जैविक उत्पादों का कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी एक ही जगह पर उत्पाद उपलब्ध होंगे।

  • गजराज सिंह बिष्ट, अध्यक्ष, मंडी बोर्ड
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