देहरादून, (देवभूमि जनसंवाद न्यूज़) अंकिता भंडारी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उत्तराखंड सरकार उनके परिवार के पालन पोषण के लिए उचित मुआवजा और नौकरी की व्यवस्था करें ,और फास्ट ट्रेक कोर्ट के माध्यम से अंकिता भंडारी को उचित न्याय दिलाये और उसके कातीलो को फांसी पर लटकाने का काम करे, और कातीलो की सारी प्रोपटी नीलाम कर सरकार अपने कब्जे मे ले, जिससे पीडित परिवार को मुआवजा मिले और बाकी बची हुई राशी से एक राहत कोष बने, ताकि भविष्य मे किसी दुसरी अंकिता भंडारी केस जैसा दुस्साहस करने की कोई भी हिम्मत ना कर सके , सरकार को चाहिए की भविष्य के लिए ऐसे सभी होटल रिजोट्स और अन्य कार्य छेत्रो की निगरानी और गहन जांच पडता होनी चाहिए, एक ऐसे बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए जो की प्राइवेट सैक्टर मे काम करने वाली हर महिला कर्मी का ब्यौरा तैयार कर निगरानी करने का काम करे, अगर फिर भी कोई गुन्हा होता है तो वह भी उसमे जिम्मेदार होगा, उत्तराखंड में बहारी लोगों का भी बहुत बडी संख्या में आ कर व्यापार करने पर भी सरकार की कोई दखल अंदाजी वा लगाम नही है ऐसे मे क्राईम होने की अधिकता बढ जाती है, प्रदेश की जनता और बहुत सारी सामाजिक संस्थाओ द्वारा अब यह मन बना लिया है की अगर भविष्य में सरकार का यही रवैय्या रहा तो वह सडको पर आंदोलन करने पर मजबूर होगे , श्री महाकाल सेवा समिति रजि० देहरादून, के अध्यक्ष श्री रोशन राणा जी ने बताया की इस तरह के कृतग्य अब उत्तराखंड नही सहेगा ,इस विषय को लेकर हमारी संस्था और सभी संस्थाओ से विचार विमर्श किया गया है


