देहरादून एयरपोर्ट की सीलिंग को भारी बारिश से नुकसान, स्थिति नियंत्रित.. फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य

जौलीग्रांट स्थित देहरादून एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में सीलिंग से पानी रिसने का मामला सामने आया है। रविवार सुबह रूटीन निरीक्षण के दौरान भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की टीम ने आगमन क्षेत्र में जिप्सम फॉल्स सीलिंग के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त पाया। इसी हिस्से से पानी का रिसाव हो रहा था। मामले की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट की मेंटेनेंस टीम ने जांच शुरू की और रिसाव को ठीक करने का काम शुरू कर दिया। हालांकि, इस घटना का फ्लाइट ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ा और सभी उड़ानें सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।

जानकारी के अनुसार, 9 अगस्त की सुबह करीब छह बजे उड़ानों का दैनिक संचालन शुरू होने से पहले AAI की टीम टर्मिनल बिल्डिंग का रूटीन निरीक्षण कर रही थी। इसी दौरान मेजेनाइन फ्लोर के आगमन क्षेत्र में जिप्सम फॉल्स सीलिंग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला। निरीक्षण में सीलिंग से पानी रिसता हुआ भी पाया गया। इसके बाद अधिकारियों ने तत्काल मेंटेनेंस टीम को मौके पर भेजकर कारणों की जांच शुरू कराई।

ड्रिंकिंग वाटर सिस्टम का पाइप हुआ क्षतिग्रस्त

जांच में सामने आया कि प्रथम सिक्योरिटी होल्ड एरिया में लगे एक वाटर फाउंटेन को पानी की सप्लाई करने वाले ड्रिंकिंग वाटर सिस्टम का वाटर फिल्टर पाइप क्षतिग्रस्त हो गया था।

पाइप से रातभर पानी रिसता रहा। इसके चलते जिप्सम फॉल्स सीलिंग के एक छोटे हिस्से में पानी जमा हो गया और सीलिंग का वह हिस्सा आगमन क्षेत्र में क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गया।

यात्रियों और उड़ानों पर नहीं पड़ा असर

देहरादून एयरपोर्ट के निदेशक भूपेश नेगी ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी के रिसाव की घटना से एयरपोर्ट के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा और सभी उड़ानें सामान्य रूप से चलती रहीं। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक यात्रियों को भी किसी तरह की असुविधा नहीं हुई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

486 करोड़ की लागत से बना है नया टर्मिनल

देहरादून एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन फेज-2 का निर्माण करीब 486 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसका उद्घाटन 14 फरवरी 2024 को किया गया था। नए टर्मिनल को आधुनिक सुविधाओं और तकनीक से लैस किया गया है। टर्मिनल भवन की डिजाइन में उत्तराखंड की कला और संस्कृति की झलक भी दिखाई गई है। अब पानी रिसाव की घटना के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने क्षतिग्रस्त सीलिंग की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।

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