D.J.S News Dehradun : उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों में लोगों का रहना दूभर होता चला जा रहा है। हाथी, गुलदार, भालू, सूअर, खूंखार बंदर, गाएं बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान ही नहीं पहुंचा रहे हैं, बल्कि पर्यटकों पर आक्रमणभी करने लगे हैं। खौफ खाए ग्रामीण अपने ठिकाने बदल रहे हैं। आतंकित ग्रामीण चारे के अभाव में अपने मवेशियों को औने-पौने दामों में बेचने लगे हैं। एक जानकारी के मुताबिक अब तक अकेले उत्तराखंड में ही विभिन्न जंगली जानवरों के हमले में 1317 लोग अपनी जानें गंवा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक 804 से अधिक लोग गुलदारों के हमलों में मरे हैं।जंगली इलाकों में गुलदार एवं मैदानी इलाकों में ट्रांजिट रसेन्यू सेन्टरों की स्थापना की गई है। अवैध शिकार और वन्य जीव अपराधियों को पकड़ने के लिए डॉग स्क्वायड की व्यवस्थाएं की गई हैं। रैपिड एक्शन फोर्स व हाईव पैट्रोल की स्थापना भी की गई है। संरक्षित क्षेत्रों में इको विकास समितियां भी गठित की गई हैं।

