हिमालय की दिव्य वादियों में गूंजे “हर-हर महादेव” के जयकारे, चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए विधि-विधान के साथ खुले

चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
आज विश्व प्रसिद्ध चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट पूर्ण वैदिक रीति-रिवाजों, मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक परंपराओं के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस भव्य एवं गरिमामय धार्मिक समारोह के साक्षी बनने हेतु बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। कपाट खुलते ही पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “जय बाबा रुद्रनाथ” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
पंचकेदारों में चतुर्थ केदार के रूप में विशेष स्थान रखने वाले श्री रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शिव के ‘एकानन स्वरूप’ अर्थात मुख रूप की पूजा-अर्चना की जाती है। हिमालय की दुर्गम चोटियों के मध्य स्थित यह पवित्र धाम अपनी अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा, प्राकृतिक सौंदर्य एवं रहस्यमयी दिव्यता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
कपाट खुलने के साथ ही अब आगामी छह माह तक भगवान रुद्रनाथ जी की नियमित पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालु इस दिव्य धाम में पहुंचकर भगवान शिव के दुर्लभ एकानन स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
रुद्रनाथ यात्रा अपने कठिन लेकिन रोमांचकारी पैदल मार्ग के लिए भी जानी जाती है। दुर्गम पर्वतीय रास्तों से होकर गुजरने वाली यह यात्रा श्रद्धालुओं को अध्यात्म, प्रकृति और आस्था के अद्भुत संगम का अनुभव कराती है। कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की पवित्र रुद्रनाथ यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है।
चमोली पुलिस रुद्रनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने हेतु पूर्ण रूप से तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। यात्रा मार्ग एवं प्रमुख पड़ावों पर सुरक्षा के समुचित इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुखद यात्रा अनुभव प्राप्त हो सके।

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