गढ़वाल: बदरीनाथ हाईवे पर भारी भूस्खलन से रास्ता बंद, सिमली-ग्वालदम हाईवे भी ठप; यात्री फंसे

चमोली: जनपद चमोली में लगातार हो रही बारिश के कारण रविवार सुबह भूस्खलन की दो बड़ी घटनाएं सामने आईं। बदरीनाथ हाईवे और सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण यातायात के लिए बाधित हो गए। हाईवे बंद होने से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बदरीनाथ हाईवे चमोली बाजार के समीप बाजपुर में अचानक अवरुद्ध हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरा। बताया जा रहा है कि यहां चट्टान से रुक-रुककर भूस्खलन हो रहा है। इसके चलते सड़क को यातायात के लिए खोलने में परेशानी आ रही है और यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के यात्री फंसे

हाईवे बंद होने के कारण सड़क के दोनों ओर बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों के अलावा स्थानीय सवारियां भी फंस गई हैं। वहीं, रविवार सुबह 11 बजे से बीएड की प्रवेश परीक्षा भी होनी है। हाईवे बाधित होने के कारण परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों की परेशानी भी बढ़ गई है। अभ्यर्थियों के लिए समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना चुनौती बन गया है। दूसरी ओर कर्णप्रयाग क्षेत्र में नारायणबगड़ और नलगांव के बीच पहाड़ी दरकने से सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-109) पूरी तरह बंद हो गया।

अचानक एक विशालकाय चट्टान खिसककर सड़क पर आ गिरी। इसके साथ भारी मलबा और बोल्डर भी सड़क पर फैल गए, जिससे दोनों तरफ से यातायात पूरी तरह रुक गया।

हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार

मार्ग बंद होने के बाद हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से और मलबा आने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में सड़क खोलने का काम चुनौतीपूर्ण हो गया है।

BRO की टीमें मलबा हटाने में जुटीं

भूस्खलन की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मौके पर पहुंच गई। BRO के जवान और मजदूर पोकलैंड और जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर आए मलबे और बड़े बोल्डरों को हटाने में जुटे हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की कोशिश है कि जल्द से जल्द दोनों मार्गों को यातायात के लिए सुचारू किया जा सके।

लगातार बारिश से बढ़ा भूस्खलन का खतरा

चमोली में लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। बदरीनाथ हाईवे और सिमली-ग्वालदम हाईवे पर हुई घटनाओं ने एक बार फिर पर्वतीय मार्गों पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती, यात्रियों को प्रभावित मार्गों पर जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की जानकारी के अनुसार यात्रा करने की सलाह दी जाती है।

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