देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में डेंगू ने इस बार समय से पहले दस्तक दे दी है। जिले में 18 जून तक डेंगू के कुल 21 मामले सामने आ चुके हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है, लेकिन जून माह में ही डेंगू के मामले मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना के अनुसार अब तक मिले 21 मामलों में से 12 मरीज देहरादून जिले के निवासी हैं, जबकि 9 मरीज अन्य जिलों और राज्यों से संबंधित हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार मरीजों की निगरानी कर रहा है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
16 मरीज स्वस्थ, 5 का इलाज जारी
डॉ. खन्ना ने बताया कि अब तक संक्रमित पाए गए 21 मरीजों में से 16 पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं 5 सक्रिय मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आमतौर पर देहरादून और उत्तराखंड में डेंगू के मामले जुलाई से लेकर अक्टूबर के बीच अधिक देखने को मिलते हैं। लेकिन इस वर्ष जून माह में ही संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव, रुक-रुक कर हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है।
डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस अभियान तेज कर दिया है। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही हैं और लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
ऐसे करें बचाव
घरों और आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर और टंकियों की नियमित सफाई करें तथा पूरी बाजू के कपड़े पहनें। त्वचा पर डीईईटी (DEET), पिकारिडिन, या नींबू नीलगिरी के तेल (Lemon Eucalyptus Oil) वाले मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। कूलर, गमलों की प्लेट, खाली डिब्बे, बाल्टी या टूटे-फूटे बर्तनों में पानी जमा न होने दें। डेंगू के लक्षण दिखने पर शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न होने दें। खूब पानी पिएं और नारियल पानी, नींबू पानी या फलों का ताजा जूस लें। समय रहते सावधानी बरतने से डेंगू के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मानसून के साथ बढ़ सकता है खतरा
मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में और वृद्धि हो सकती है।इसी को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभी से रोकथाम और निगरानी के प्रयास तेज कर दिए हैं।

