चम्पावत: उत्तराखंड में शासन को दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई पहल की है। इसी क्रम में चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में पहली बार राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कैबिनेट की बैठकें केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय जरूरतों को सीधे शासन के सामने लाना है।
युवाओं, डॉक्टरों और कुक्कुट पालकों से जुड़े फैसले
बनबसा कैबिनेट बैठक में युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसके साथ ही डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी से संबंधित निर्णय भी लिया गया है। वहीं, कुक्कुट पालकों को सब्सिडी देने की व्यवस्था में भी बदलाव को मंजूरी दी गई। कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के तहत अब लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान आधार सीडेड या लिंक्ड बैंक खाते के माध्यम से DBT के जरिए किया जाएगा।
पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए ₹66.29 करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उत्तराखंड ट्रेड एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि जारी करने की स्वीकृति दी गई। यह राशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों पर खर्च की जाएगी।
जमीन के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार
मंत्रिमंडल ने वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों तथा कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा नैनीताल के नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने तथा देहरादून के डोईवाला-रिस्पना क्षेत्र में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। विनियमितीकरण वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए बढ़ाया जाएगा। इसके बाद यह प्रक्रिया प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार होगी।
संपत्ति खरीद-बिक्री में PAN Verification होगा जरूरी
स्टाम्प एवं निबंधन विभाग से जुड़े एक अहम प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई है। संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन में क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए PAN की Verification की व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे संपत्ति संबंधी लेन-देन में उपलब्ध कराए गए PAN की जांच की व्यवस्था मजबूत होगी।
वन भूमि हस्तांतरण के लिए PMU का गठन
कैबिनेट ने वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रियाओं के तकनीकी परीक्षण और ऑनलाइन आरेखन के परीक्षण के साथ नोडल कार्यालय को मजबूत करने के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के गठन को मंजूरी दी। इसके लिए नोडल अधिकारी, वन संरक्षण, उत्तराखंड के कार्यालय में कुल 6 पदों को स्वीकृति दी गई है।
वन विभाग में विभागाध्यक्ष की व्यवस्था बदली
वन विभाग के विभागाध्यक्ष से संबंधित व्यवस्था में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत निदेशक, नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाया जाएगा। इसके स्थान पर मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं, नैनीताल और मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा।
राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
मंत्रिमंडल ने छठवें राज्य वित्त आयोग, उत्तराखंड द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में रखने की मंजूरी दी है। आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को होने वाले अंतरण और वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी संस्तुतियां दी हैं।
कर्मचारियों की संपत्ति से जुड़े नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत कर्मचारियों की चल-अचल और बहुमूल्य संपत्ति से संबंधित प्रावधानों को मौजूदा परिस्थितियों तथा अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट और अपडेट किया जाएगा। नियम 15 में मौजूद हिंदी अनुवाद संबंधी त्रुटि को भी दूर किया जाएगा।
समूह ‘ग’ के आरक्षण नियमों में संशोधन
राज्य अधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर आरक्षण प्रक्रिया से संबंधित संशोधन नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके साथ ही उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के कार्यों से संबंधित संशोधन विनियम को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को लोक सेवा आयोग के परिशिष्ट से बाहर किया जाएगा।
उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक या अपर्याप्त हो चुके उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करने का फैसला लिया है। इसके स्थान पर राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी दी गई।
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभागों के लिए नया पद
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार इससे केंद्र और राज्य की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, अनुश्रवण और विभागीय समन्वय में मदद मिलेगी।
सीमांत क्षेत्रों तक शासन पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र सिर्फ राज्य की भौगोलिक सीमा नहीं हैं, बल्कि देश की सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठकें होने से स्थानीय परिस्थितियों और जन अपेक्षाओं को करीब से समझने में मदद मिलेगी। इससे क्षेत्र विशेष से जुड़े विषयों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी स्थानीय स्तर पर समझने का अवसर मिलेगा।
कैबिनेट मंत्रियों को भेंट की गई ‘फर्रा/छन्तोली’
बनबसा में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्रियों को चंपावत की लोक परंपरा से जुड़ी ‘फर्रा/छन्तोली’ भेंट की गई। यह देवीधुरा की प्रसिद्ध बग्वाल परंपरा से जुड़ी पारंपरिक ढाल है। इसे मुख्य रूप से बांस या रिंगाल की खपच्चियों से छतरीनुमा आकार में तैयार किया जाता है। मंत्रिमंडल को यह पारंपरिक धरोहर भेंट करना उत्तराखंड की लोक संस्कृति और सीमांत क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के सम्मान का प्रतीक रहा।

