देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र स्थित कुड़कावाला बस्ती में देर रात आवारा कुत्तों के आतंक से बड़ा नुकसान हो गया। बताया जा रहा है कि पशुपालक जॉनी के पास करीब 90 भेड़-बकरियां हैं। देर रात अचानक आवारा कुत्तों का एक झुंड उसके बाड़े में घुस गया और पशुओं पर हमला कर दिया।
कुत्तों के भौंकने और हमले से बाड़े में मौजूद भेड़-बकरियां बुरी तरह सहम गईं। डर के कारण पशुओं के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। घबराई हुई भेड़-बकरियां बचने के प्रयास में एक-दूसरे के ऊपर चढ़ने लगीं। इस दौरान कई पशु नीचे दब गए। इस भगदड़ में 33 भेड़-बकरियों की मौत हो गई। बताया गया कि कई पशुओं की दम घुटने और चोट लगने के कारण जान चली गई। सुबह जब पशुपालक जॉनी बाड़े में पहुंचा तो बड़ी संख्या में भेड़-बकरियों को मृत देखकर उसके होश उड़ गए। घटना से उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
पशु चिकित्सक ने किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद डोईवाला की वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. पूजा पांडे मौके पर पहुंचीं और मृत पशुओं का निरीक्षण किया। डॉ. पूजा पांडे के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आवारा कुत्तों के हमले का प्रतीत हो रहा है।
उन्होंने बताया कि कुत्तों के हमले के बाद भेड़-बकरियां अत्यधिक डर गईं और एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गईं। इसके कारण दम घुटने और चोट लगने से उनकी मौत हुई।
कुछ पशुओं पर मिले कुत्तों के काटने के निशान
पशु चिकित्सक के अनुसार, कुछ भेड़-बकरियों के शरीर पर कुत्तों के काटने के निशान भी मिले हैं। मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, बाड़े में बची हुई भेड़-बकरियां अभी भी डरी हुई बताई जा रही हैं। पशु चिकित्सकों की ओर से उनका उपचार किया जा रहा है।
पशुपालक ने मुआवजे की मांग की
पीड़ित पशुपालक जॉनी ने प्रशासन से आवारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने घटना में हुए भारी आर्थिक नुकसान के लिए उचित मुआवजा देने की भी मांग की है।
आवारा कुत्तों की समस्या पर फिर उठे सवाल
डोईवाला की यह घटना एक बार फिर आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर सवाल खड़े करती है। पशुपालक क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के हमले से पशुधन को नुकसान पहुंचने की घटनाएं चिंता का विषय बन रही हैं। अब पशुपालक प्रशासन से उचित कार्रवाई और नुकसान की भरपाई की मांग कर रहा है।

