बदरीनाथ चढ़ावा चोरी: गायब हुई 32 दिन की CCTV फुटेज, क्या छिपाने की हुई कोशिश?

चमोली: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद सबसे बड़ा सवाल मंदिर परिसर की 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज के गायब होने को लेकर उठ रहा है। जबकि बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने पहले दावा किया था कि उसके पास 45 दिनों की CCTV रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। जांच के दौरान टीम को केवल 13 दिन की फुटेज ही उपलब्ध हो सकी, जिससे मामले को लेकर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।

विभागीय जांच के दौरान उपलब्ध 13 दिन की CCTV फुटेज के परीक्षण में कथित तौर पर यह सामने आया कि दान-चढ़ावे की गणना के दौरान 500-500 रुपये के नोटों के बंडल और सोने-चांदी के उपहार मंदिर परिसर से बाहर ले जाए गए। जांच में आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल कथित रूप से पांच दिनों के भीतर आठ अलग-अलग अवसरों पर दान-चढ़ावे में हेराफेरी करते हुए दिखाई दिए। यही फुटेज विभागीय जांच का महत्वपूर्ण आधार बनी है। मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि जब मंदिर समिति ने 45 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित होने की बात कही थी, तो जांच टीम को केवल 13 दिन की फुटेज ही क्यों मिली। गायब 32 दिनों की रिकॉर्डिंग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या तकनीकी कारणों से रिकॉर्डिंग हट गई या फिर इसे जानबूझकर मिटाया गया। हालांकि, अभी तक किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।

फुटेज रिकवर करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की ली जा रही मदद

मामला सामने आने के बाद बीकेटीसी ने स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों से संपर्क किया है।

अधिकारियों के अनुसार विशेषज्ञ डिजिटल रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि डेटा स्वतः हट गया या उसे पुनर्प्राप्त (रिकवर) किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार यदि जांच में यह साबित होता है कि फुटेज जानबूझकर हटाई गई है, तो मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

एसआईटी की जांच का दायरा बढ़ा

विशेष जांच दल (SIT) ने मंदिर में दान-चढ़ावे की गणना के दौरान मौजूद अधिकारी-कर्मचारियों की पहचान कर ली है। इसके अलावा लगभग एक दर्जन अन्य लोग, जिनमें कुछ श्रद्धालु और साधु-संत भी शामिल बताए जा रहे हैं, जांच के दायरे में हैं। मंदिर समिति ने एसआईटी को मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं, जिनका अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही विभागीय जांच रिपोर्ट भी मंगाई गई है ताकि दोनों जांचों के तथ्यों का मिलान किया जा सके।

आरोपित की गतिविधियों पर भी नजर

एसआईटी घटना के बाद आरोपित प्रमोद नौटियाल की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। उनके बदरीनाथ स्थित आवास और अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जांच एजेंसी प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने और डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने में भी जुटी हुई है।

क्या बोले बीकेटीसी के CEO?

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि सीसीटीवी डेटा जानबूझकर डिलीट किए जाने की बात फिलहाल सही नहीं कही जा सकती। उनके अनुसार तकनीकी विशेषज्ञों की राय है कि मई-जून के दौरान यात्रा सीजन में कैमरों के सामने अत्यधिक गतिविधियां रिकॉर्ड होने के कारण स्टोरेज भरने से पुराना डेटा स्वतः ओवरराइट हो गया हो। उन्होंने कहा कि उपलब्ध तकनीकी विकल्पों के जरिए डेटा रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।

एसआईटी जुटा रही हर पहलू के साक्ष्य

चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि एसआईटी मंदिर समिति से प्राप्त रिकॉर्ड का अध्ययन कर रही है। विभागीय जांच रिपोर्ट भी मांगी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

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