देहरादून, (देवभूमि जनसंवाद न्यूज़) उत्तराखंड का रास्ट्रिय पर्व हरेला जो आज पूरे उत्तराखंड में जोर-शोर से मनाया जा रहा है, जगह-जगह रोपण किए जा रहे हैं सरकार इसमें बढ़-चढ़कर भाग ले रही है और आम जनता को भी प्रोत्साहित कर रही हैं, एक तरफ विकास कार्यों के लिए पेड़ बहुत तादाद में काटे गए हैं, वही सरकारी और गैर सरकारी संगठन द्वारा वृक्षारोपण भी बहुत हुऐ हैं, लेकिन दुर्भाग्य वस हम उनकी रक्षा करना भूल गए हैं, अगर कुछ बचे भी है तो, एक वृक्ष 20 से 25 वर्ष की आयु में अपना आकार लेता है , इस आयु तक पहुंचते-पहुंचते इसमें कई विकार आ जाते हैं और वह समय से बहुत पहले ही सड़ गल कर टूट जाता है, अक्सर देखने में आता है कि थोड़ी सी तेज हवा के चलने पर सड़क किनारे खड़े हुए छायादार वृक्ष टूट कर गिर जाते हैं, उसका मुख्य कारण है कुपोषण , जोकि जंग लगी लोहे की जाली ( ट्रिगार्ड )पेड़ के अंदर समा जाती है , इसी वजह से पेड़ बहुत जल्दी सड कर टूट जाते हैं। इसी दुखद अनुभूति को मध्य नजर रखते हुए श्री महाकाल सेवा समिति द्वारा सडते हुये पेड़ों को ट्रिगार्ड से मुक्त कराने की मुहिम आज हरेला पर्व के दिन “राजेन्द्र नगर सेंट्रल स्कूल “के बाहर लगे पेड़ से ट्रीगार्ड हटाकर करी है , संस्था के अध्यक्ष श्री रोशन राणा जी ने बताया कि समिति के सदस्य प्रत्येक रविवार को इस मुहिम को चलाने का कार्य करेंगे ,अगर आपके क्षेत्र में भी कोई इस तरह का पेड़ दिखाई दे तो आप हमें संपर्क कर सकते हैं इस मुहिम में संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ता बीके शर्मा, एडवोकेट संजीव गुप्ता,हेमराज अरोड़ा,राहुल माटा, कृतिका राणा ,अनुष्का राणा शामिल रहे



