सूचना के तहत खुलासा परिवहन विभाग देहरादून में भ्रष्टाचार का अजब गजब कारनामा


देहरादून, (देवभूमि जनसंवाद न्यूज़) मेरे द्वारा आज माननीय मुख्यमंत्री जी एवं श्रीमान मुख्य सचिव उत्तराखंड को देहरादून आरटीओ श्रीमान सुनील शर्मा की शिकायत पत्र प्रेषित कर सीबीआई जांच की मांग की गई है जो शिकायत निम्नवत हैं:-
(1) देहरादून आरटीओ कार्यालय में सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए टेस्टिंग ड्राइव का निर्माण कराया गया जिसमें आरटीओ विभाग द्वारा बताया गया कि यह परिवहन व्यवसाई/ परिवहन यान बेचने वाले डीलरों द्वारा बनाया गया
जब परिवहन व्यवसाई/ डीलरों के नाम पता वा टेस्टिंग ड्राइव बनाने में कितनी धनराशि खर्च के बारे में पूछा गया
आरटीओ विभाग द्वारा बताया गया ना तो परिवहन व्यवसाइयों/डीलरों के ना तो नाम और ना ही पता और उनके द्वारा कितनी धनराशि करती गई इसके बारे में भी आरटीओ देहरादून को इसकी जानकारी नहीं है। (2)आरटीओ देहरादून कार्यालय की छत पर टीन शेड का निर्माण कार्य किस ठेकेदार द्वारा कराया गया था
पहले आरटीओ द्वारा बताया गया कि चेक पोस्टों के पुराने टीन शेड और पुराने पाइपों के द्वारा इसका निर्माण कराया गया और धनराशि कोई खर्च नहीं हुई
फिर आरटीओ द्वारा समाचार पत्र को बताया गया कि कार्यालय की जो छत पर जो टीन शेड बनाए गए हैं वह संस्थाओं और डीलर द्वारा बनाए गए
जब आरटीओ देहरादून से संस्थाओं/डीलरों के नाम,पता वा इसे बनाने में कितनी धनराशि खर्च की गई
तो इसमें भी आरटीओ को नहीं पता कि यह किस संस्था/डीलर द्वारा बनाया और कितनी धनराशि इसमें खर्च हुई हैं।
आरटीओ के विरोधाभासी बयान है कि पहले तो कहा कि चेक पोस्ट की पुरानी चादरों और पाइपों बनाया गया
दूसरी बार कहा जा रहा है कि यह संस्थाओं/ डीलरों द्वारा बनाया गया तो कहीं ना कहीं आरटीओ देहरादून द्वारा यह किस तरह का इतना बड़ा झूठ बोला जा रहा है (3)ना तो फ्री में दान से टेस्टिंग ड्राइव/ टीन शेड बनाने के लिए कोई विज्ञापन निकाला गया है।
(4) ना ही डीलर/ संस्था से टेस्टिंग ड्राइव और टीन शेड बनाने बनाने के लिए सहमति पत्र लिया है।
(5) टेस्टिंग ड्राइव/ टीन शेड बनाने के लिए आरटीओ ने ना तो शासन से अनुमति ली और ना ही शासन ने इनको अनुमति दी
(6) बिना शासन की अनुमति के ही आरटीओ कार्यालय में अपनी मर्जी से कोई भी निर्माण कार्य कर सकता है इसकी सूचना पर आरटीओ कार्यालय द्वारा बताया की यह सूचना धारित नहीं है
या तो आरटीओ सुनील शर्मा द्वारा परिवहन व्यवसाई/ परिवहन यान को बेचने वाले डीलरों को डरा धमकाकर बगैर किसी अनुमति के बगैर एमडीडीए/शासन के बगैर अनुमति के निर्माण कार्य परिवहन व्यवसाई/डीलरों एवं संस्थाओं से कराया जाना जो घूस लेने/ उपकृत करने की होने वाली श्रेणी में आता है।
इन्हीं कार्यों को देखते हुए या तो राज्य सरकार इस अधिकारी को भ्रष्टाचार करने का बढ़ावा दे रही है या फिर आरटीओ सुनील शर्मा के विरुद्ध कार्यवाही कर राज्य सरकार भ्रष्टाचार में धूमिल हो रही छवि को रोक सकती हैं।

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