
देहरादून: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन का अध्यक्ष बाहरी राज्य से चुने जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। इसमें कोर्ट ने केंद्र सरकार, ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन तथा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ में हुई। वॉलीबाल एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल द्वारा ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष के चयन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी है।
एसोसिएशन का आरोप है कि वर्तमान ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पद का चुनाव नियम विरुद्ध तरीके से हुआ है। वर्तमान समय में जो अध्यक्ष हैं, वह उत्तराखंड के नहीं दिल्ली के हैं। जबकि ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया के नियमानुसार प्रदेश ओलंपिक एसोसिशन के अध्यक्ष एवं सचिव प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के सदस्यों में से ही होना चाहिए। शुक्रवार को मामले में सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं।
अल्मोड़ा में एनएचएम के तहत होने वाली नियुक्ति पर फिलहाल रोक
हाईकोर्ट ने नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत अल्मोड़ा में विभिन्न पदों पर होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। न्यायालय ने स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य निदेशक, सीएमओ अल्मोड़ा को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ में हुई। बागेश्वर निवासी आंचल देउपा की ओर से याचिका दायर की गई है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी विज्ञापन को याचिका के माध्यम से चुनौती दी गयी है।
याचिका में कहा गया कि उक्त भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय समाचार पत्रों को छोड़कर देहरादून के एक अंग्रेजी दैनिक में गुपचुप ढंग से इसका विज्ञापन प्रकाशित कराया था। जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी यहां पहुंचे और उनको निराशा हाथ लगी। इस भर्ती प्रक्रिया में पूर्व से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को 30 अंक का अधिमान दिया गया था। इस भर्ती के लिए 26 फरवरी को विज्ञप्ति जारी हुई थी और 8 से 10 मार्च तक अल्मोड़ा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा साक्षात्कार कराए गए थे।

