उत्तराखंड: ABVP प्रत्याशी समेत 3 चुनाव से बाहर, 75% अटेंडेंस पर भड़के छात्र; कॉलेज में जमकर नारेबाजी

पिथौरागढ़: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग में 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता को लेकर छात्रसंघ चुनाव से पहले विवाद बढ़ गया। नियम के चलते एबीवीपी प्रत्याशी समेत तीन पदाधिकारी चुनाव से बाहर हो गए, जिसके विरोध में छात्रों ने हंगामा और नारेबाजी की। इसी दौरान एक एबीवीपी कार्यकर्ता के पेट्रोल की बोतल लेकर पहुंचने की सूचना से कॉलेज में हड़कंप मच गया।

बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान एक एबीवीपी कार्यकर्ता पेट्रोल की बोतल लेकर महाविद्यालय परिसर में पहुंचा। बाद में समझाने-बुझाने के बाद पेट्रोल की बोतल फेंक दिए जाने की बात सामने आई। महाविद्यालय प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही वरिष्ठ उप निरीक्षक हरीश कोंरगा के नेतृत्व में पुलिस टीम कॉलेज पहुंची और प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझाया। हालांकि, पुलिस अधिकारी ने बाद में कहा कि महाविद्यालय में पेट्रोल लाने की कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिली है। ऐसे में इस संबंध में सामने आई जानकारी को फिलहाल आरोप/सूचना के तौर पर ही देखा जा रहा है।

पुलिस और प्राचार्य ने छात्रों के साथ की बैठक

स्थिति को देखते हुए पुलिस और महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. बीएम पांडे ने छात्रों के साथ बैठक की। बैठक में कहा गया कि छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह समिति की सिफारिशों के आधार पर कराया जाएगा। प्राचार्य के अनुसार चुनाव लड़ने के लिए 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता पूरी करने वाले छात्रों को ही प्रत्याशी बनने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई। प्राचार्य प्रो. बीएम पांडे ने कहा कि कॉलेज परिसर में पेट्रोल लाने की सूचना मिली थी। छात्रों को समझा दिया गया है और चुनाव लिंगदोह के नियमों के तहत ही कराया जाएगा।

75 फीसदी उपस्थिति के नियम का विरोध

वहीं, छात्र पिछले वर्ष की तरह इस बार भी चुनाव लड़ने की अनुमति देने की मांग पर अड़े हुए हैं। कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। बताया जा रहा है कि एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद के लिए दो दावेदार हैं, जबकि एनएसयूआई भी अपना प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी में है।

अध्यक्ष पद के दावेदार धरने पर बैठे

75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता के विरोध में छात्रसंघ अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे बबीता असवाल और गौरव बोरा बुधवार शाम करीब 4 बजे से समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे छात्रों की मांग है कि जब तक 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता का आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे धरना जारी रखेंगे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छात्रों से धरना समाप्त करने की अपील की। इस दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस भी हुई।

पुलिस पर जबरन उठाने का आरोप

छात्रों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने धरने पर बैठे अध्यक्ष पद के दावेदारों को जबरन वहां से उठाया। इसके बाद नाराज छात्रों ने कॉलेज के गेट के बाहर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं, वरिष्ठ उप निरीक्षक हरीश कोंरगा ने कहा कि हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव को लेकर बढ़ा तनाव

राजकीय पीजी कॉलेज बेरीनाग में 29 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव से कुछ दिन पहले 75 फीसदी उपस्थिति के नियम को लेकर पैदा हुआ विवाद अब प्रदर्शन और धरने तक पहुंच गया है। फिलहाल कॉलेज प्रशासन ने लिंगदोह नियमों के आधार पर चुनाव कराने की बात कही है, जबकि छात्र 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। ऐसे में चुनाव से पहले कॉलेज परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

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