
देहरादून: देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित दूसरे दिन भी लोगों में दिखा जबरदस्त उत्साह ‘श्रौत महोत्सव 2026 इस पांच दिवसीय महोत्सव का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि बालीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। मिर्जापुर वेबसीरीज के कालीन भईया प्रसिद्ध बालीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी शनिवार को परेड ग्राउंड में श्रोत महोत्सव 2026 काे उद्घाटन समारोह में पहुंचे तो प्रशंसक भी उनकी झलक पाने को बेताब दिखे। देवभूमि में कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस समारोह की सराहना करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि देवभूमि में आकर असीम सुख-शांति की अनुभूति मिलती है। उन्हें यहां का मौसम और पर्यावरण भी आकर्षित करता है महोत्सव के दूसरे दिन को और भी यादगार बना दिया
महोत्सव के दूसरे दिन शाम को सांस्कृतिक संध्या में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दिप्तांशु तिवारी द्वारा बॉलीवुड एवं शास्त्रीय संगीत की इसके साथ ही अजय तोमर की जौनसारी नाइट आयोजित करते हुए
मिडिया प्रभारी किशोर रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस महोत्सव की थीम ‘Celebrating people, preserving traditions’ रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और हथकरघा को संरक्षित करने के साथ-साथ आम जनता को अपनी परंपराओं से जोड़ना है।
इस महोत्सव के सफ़ल आयोजन में तारा जोशी फाउंडेशन की सचिव किरन जोशी, तान्या जोशी, निमिका काकरान (Nimika Kakran) और मधुमिता (Madhumita) की प्रमुख भूमिका और विशेष योगदान रहा है।
पांच दिनों तक जमेगी सांस्कृतिक महफिल
परेड ग्राउंड में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इन पांच दिनों के दौरान लोक संगीत, पहाड़ी संस्कृति, जौनसारी नाइट, सूफी एवं गढ़वाली संगीत, बॉलीवुड व शास्त्रीय संगीत, डांडिया नाइट, प्रतिभा प्रदर्शन और पारंपरिक कला कार्यशालाओं जैसी विविध प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
तारा जोशी फाउंडेशन की ओर से सभी शहरवासियों को महोत्सव में आमंत्रित करते हुए कहा गया है कि लोगों की उपस्थिति इस महोत्सव के सफ़ल आयोजन में तारा जोशी फाउंडेशन की सचिव किरन जोशी, तान्या जोशी, निमिका काकरान (Nimika Kakran) और मधुमिता (Madhumita) की प्रमुख भूमिका और विशेष योगदान रहा है।
पांच दिनों तक जमेगी सांस्कृतिक महफिल परेड ग्राउंड में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इन पांच दिनों के दौरान लोक संगीत, पहाड़ी संस्कृति, जौनसारी नाइट, सूफी एवं गढ़वाली संगीत, बॉलीवुड व शास्त्रीय संगीत, डांडिया नाइट, प्रतिभा प्रदर्शन और पारंपरिक कला कार्यशालाओं जैसी विविध प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
तारा जोशी फाउंडेशन की ओर से सभी शहरवासियों को महोत्सव में आमंत्रित करते हुए कहा गया है कि लोगों की उपस्थिति से यहां आए कलाकारों, शिल्पकारों और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन होगा। यह महोत्सव लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और पारंपरिक कलाओं को एक मजबूत मंच प्रदान करने की दिशा में एक अनूठी पहल है। कलाकारों, शिल्पकारों और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन होगा। यह महोत्सव लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और पारंपरिक कलाओं को एक मजबूत मंच प्रदान करने की दिशा में एक अनूठी पहल है।

