ऋषिकेश: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ों की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऋषिकेश में गंगा नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। स्थिति को देखते हुए जल पुलिस की ओर से ऋषिकेश घाट पर लगातार लाउडस्पीकर के जरिए श्रद्धालुओं और लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है। वहीं, रुद्रप्रयाग जिले में भी अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर निर्धारित वार्निंग लेवल से ऊपर पहुंच गया है।
सुबह 10 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.100 मीटर, जबकि मंदाकिनी नदी का जलस्तर 625.100 मीटर दर्ज किया गया। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC), रुद्रप्रयाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से लोगों को नदी के आसपास नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही किसी भी तरह की आपात स्थिति होने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है। संभावित आपदा से निपटने के लिए संबंधित विभागों को भी सतर्क रखा गया है।
अलकनंदा-मंदाकिनी के जलस्तर पर लगातार नजर
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भारी बारिश को देखते हुए दोनों नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अनावश्यक रूप से नदी के आसपास न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
पहाड़ों में सफर से बचने की अपील
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों से मौसम खराब रहने के दौरान पहाड़ों में अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की गई है। प्रशासन की ओर से यात्रियों से मौसम की स्थिति और स्थानीय चेतावनियों को ध्यान में रखकर ही यात्रा करने को कहा जा रहा है।
चारधाम यात्रा पर भी बारिश का असर
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए फिलहाल चारधाम यात्रा रोक दी गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ की हेली सेवा भी बंद कर दी गई है। सरकार और प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम में सुधार और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही यात्रा को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।

