देहरादून में 16 अक्टूबर को मसूरी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भट्टा फॉल रोपवे पर गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए एक भव्य मॉक अभ्यास (Mock Drill) का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के बीच तालमेल और प्रतिक्रिया समय की जांच करना था।
तकनीकी खराबी का किया गया पूर्वाभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान यह परिदृश्य (Scenario) बनाया गया कि भट्टा फॉल रोपवे की केबल कार में अचानक तकनीकी खराबी आ गई है, जिसके कारण कुछ लोग हवा में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए अग्निशमन एवं आपात सेवा केंद्र, मसूरी की फायर यूनिट तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गई।
विभिन्न विभागों की सामूहिक कार्रवाई
उपजिलाधिकारी (SDM) महोदय के कुशल दिशा-निर्देशन और नेतृत्व में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), फायर सर्विस, लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सभी एजेंसियों ने बेहतरीन तालमेल का परिचय देते हुए केबल कार में फंसे सभी व्यक्तियों को सुरक्षित नीचे उतारा। घायलों (कैजुअल्टी) को तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस के माध्यम से बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
अग्निशमन दल की सराहनीय भूमिका
इस सफल मॉक अभ्यास में मसूरी फायर यूनिट के निम्नलिखित कर्मियों ने अपनी पेशेवर दक्षता और सूझबूझ का परिचय दिया:
धीरज सिंह तड़ियाल (FSSO)
प्रदीप कुमार (DVR)
नितिन सिंह चौहान (FM)
सुनील कुमार (FM)
रोहित रावत (FM)
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी वास्तविक आपात स्थिति या दुर्घटना के समय पर्यटकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए सभी विभाग पूरी तरह मुस्तैद हैं।




