
देहरादून : कोरोना काल हो या अन्य किन्ही कारणों से नौकरी पर आए संकट ने लोगों को अपने घरों में लौटने को मजबूर किया है। ऐसे में गांव लौटकर आये लोगों पर आर्थिक संकट की मार भी पड़ी है। लेकिन राज्य सरकार ने स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने वाले लोगों को हर संभव मदद भी दिलाई है। राज्य सरकार अपने विभागों के माध्यम से ऐसे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिला रही है। जिससे कि गांव में ही स्वरोजगार कर आमदनी संभव हो सके। पौड़ी जिले के डोभा गाँव के मुकेश डोभाल की जब नौकरी छूट गई तो वे अपने घर लौट आये। यहां उन्होंने कृषि विभाग की मदद से कृषि करनी शुरु की कर दी। विभाग से उन्नत किस्म के बीज और हर संभव मदद मिलने के बाद उनकी मेहनत रंग लाने लगी। आज वह बतातें है कि गांव में यदि पंरपरागत कृषि को छोड़कर मौसमी और वैज्ञानिक कृषि की जाये तो यह लाभ का सौदा बन सकती है। आज मुकेश की खेती को देखकर गांव के अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा ले रहे है। कृषि विभाग के अनूप वशिष्ठ बताते है कि कोरोना काल में घर लौटे लोगों को स्वरोजगार के लिए उन्नत किस्म के बीज, सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था करना और फसल को नुकसान ना पहुंचे, इसके लिए तारबाड़ की व्यवस्था भी मुहैया कराई गई है।

