देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। इसी कारण राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए झूठ और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राहुल गांधी की ओर से किए गए कई दावे फैक्ट चेक में गलत साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जनता के सामने कांग्रेस के कथित भ्रम फैलाने वाले नैरेटिव की सच्चाई लगातार सामने आ रही है।
शुद्धिकरण प्रकरण पर भी कांग्रेस को घेरा
शुद्धिकरण प्रकरण को जाति से जोड़ने के कांग्रेस के प्रयास पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर इस मामले में भ्रम फैलाने और समाज को बांटने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि शुद्धिकरण और हवन जिहादी नारों के विरोध में किया गया था और इसका जातिवाद से कोई संबंध नहीं था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस आयोजन को करने वाले भाई स्वयं अनुसूचित समाज से थे। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस द्वारा बनाए गए पूरे नैरेटिव की सच्चाई जनता के सामने आ गई है।
UIDB को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
UIDB से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्था उत्तराखंड में निवेश बढ़ाने, आर्थिक गतिविधियों को गति देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आ रहा निवेश और युवाओं के लिए पैदा हो रहे रोजगार के अवसर भी कांग्रेस को रास नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना है।
13 हजार एकड़ सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का दावा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में करीब 13 हजार एकड़ अतिक्रमित सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से भी कांग्रेस परेशान है। बनभूलपुरा में अतिक्रमण के मुद्दे पर कांग्रेस की कथित चुप्पी को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
‘देवभूमि की एक-एक इंच जमीन की रक्षा करेंगे’
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की जमीन और उत्तराखंड के मूल स्वरूप की रक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार प्रदेश की जमीन और पहचान की सुरक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से काम करती रहेगी। उन्होंने कहा, “देवभूमि की जमीन कोई हरी घास नहीं है कि कोई भी आए, चरकर चला जाए।” मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तराखंड की एक-एक इंच जमीन और देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए उनकी सरकार पूरी मजबूती के साथ काम करती रहेगी।

