धर्म नगरी के रूप में ऊखीमठ क्षेत्र को विकासित की मांग

रुद्रप्रयाग। नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर नगर क्षेत्र ऊखीमठ के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए। उन्होंने ऊखीमठ नगर क्षेत्र को “धर्म नगरी” के रूप में विकसित करने की मांग रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि ऊखीमठ क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध विकास के माध्यम से इस क्षेत्र को धर्म नगरी के रूप में विकसित किया जाना आवश्यक है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से ओंकारेश्वर मंदिर  के निकट सहित नगर के तीन प्रमुख स्थानों पर पार्किंग निर्माण की मांग रखी। उनका कहना था कि लगातार बढ़ते वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है। पार्किंग निर्माण से यातायात सुगम होने के साथ ही नगर की सुंदरता और व्यवस्था में भी सुधार होगा।
कुब्जा धर्म्वाण ने यह भी कहा कि धर्म नगरी के रूप में विकास के लिए साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इससे तीर्थयात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा और क्षेत्र की धार्मिक पहचान को और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रस्तुत प्रस्तावों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तीर्थ स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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