देहरादून: भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण कर्मचारी संघ (BSIEA) के 22वें द्विवार्षिक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन 28 और 29 सितंबर को देहरादून में किया गया। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 90 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें 10 महिला और 80 पुरुष प्रतिनिधि शामिल रहे।
सम्मेलन का उद्घाटन CITU के महासचिव कॉमरेड के.एन. उमेश ने 22 लाल बल्ब जलाकर किया। अपने संबोधन में उन्होंने श्रमिक समुदाय के समक्ष आने वाली भविष्य की चुनौतियों को रेखांकित किया और सभी को एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। कॉमरेड उमेश ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न विभागों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने पेंशन व्यवस्था पर हो रहे प्रहारों तथा ट्रेड यूनियन के अधिकारों और वर्षों के संघर्ष से हासिल की गई उपलब्धियों पर मंडरा रहे खतरे के प्रति सतर्क किया। साथ ही, उन्होंने ट्रेड यूनियन गतिविधियों में कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए परिसंघ (Confederation) के महासचिव कॉमरेड एम. वेंकटेशन ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति और परिसंघ के आगामी संघर्षों की रूपरेखा विस्तार से रखी। वहीं, BSIEA के महासचिव कॉमरेड अरूप चटर्जी ने विभाग के भविष्य को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं और युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में संघ से जुड़ने की अपील की।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रमुख नेताओं ने प्रतिनिधित्व किया। इनमें कार्यालय अध्यक्ष एस.के. सिंह, कन्फेडरेशन सेक्रेटरी जगदीश छिंदवाल, सीटू प्रतिनिधि राजेंद्र नेगी, आर.पी. जेकमोला, मनमोहन, BSIEA के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद चंद मोहंती, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जे.पी. यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भोलानाथ घोष, अमरदेव कुमार और संगठन सचिव मनोज कुमार दास प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

