देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म के नए सितारों का स्वागत, दिक्षारंभ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म में बीएचएम, बी.एससी. एचएचएम, बीबीएटीईएम, एमएचएम एवं डिप्लोमा प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित दिक्षारंभ कार्यक्रम का मंगलवार को उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय, शैक्षणिक वातावरण, पाठ्यक्रम तथा विभिन्न गतिविधियों से परिचित कराने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अशोक वर्मा, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद उपस्थित रहे। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ अनुशासन, सकारात्मक सोच, मेहनत एवं निरंतर सीखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए समर्पण एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आर. के. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं व्यावहारिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने तथा अपने व्यक्तित्व, ज्ञान और कौशल को विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें जिम्मेदार एवं सक्षम पेशेवर बनाने की प्रक्रिया है।
उद्घाटन सत्र के बाद शिक्षक-विद्यार्थी परिचय सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को विभाग के शिक्षकों एवं उनकी शैक्षणिक भूमिकाओं से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने भी अपना परिचय देते हुए अपनी रुचियों, आकांक्षाओं एवं भविष्य के लक्ष्यों को साझा किया। परिचय सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच सहज एवं सकारात्मक संवाद का वातावरण तैयार करना रहा।
कार्यक्रम के अगले चरण में आयोजित फन एक्टिविटी सेशन में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विभिन्न मनोरंजक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को एक-दूसरे से परिचित होने, टीम भावना विकसित करने तथा अपनी रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास प्रदर्शित करने का अवसर मिला। पूरे सत्र के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
दोपहर के भोजन के पश्चात विद्यार्थियों के लिए मॉकटेल वर्कशॉप आयोजित की गई। होटल मैनेजमेंट एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी प्रदान करते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के मॉकटेल, उनके आवश्यक अवयवों तथा तैयार करने की विधियों से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने इस व्यावहारिक सत्र में विशेष रुचि दिखाई और मॉकटेल तैयार करने की तकनीकों को समझा।
दिक्षारंभ कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशी विद्यार्थियों को उनके नए शैक्षणिक जीवन की सकारात्मक एवं उत्साहपूर्ण शुरुआत प्रदान करने के साथ-साथ शैक्षणिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल, व्यक्तित्व विकास, टीमवर्क और उद्योगोन्मुखी दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है। कार्यक्रम के आगामी सत्रों में भी विद्यार्थियों के लिए विभिन्न शैक्षणिक, व्यावहारिक, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

उद्घाटन सत्र के दौरान स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म के डीन प्रोफेसर डॉ. चंद्रमौली धौंडियाल ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक कौशल और जीवन मूल्यों के विकास का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, समयबद्धता और सकारात्मक दृष्टिकोण को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हॉस्पिटैलिटी एवं टूरिज्म उद्योग में सफलता के लिए ज्ञान के साथ-साथ कम्युनिकेशन स्किल, प्रोफेशनल एटीट्यूड और सेवा भावना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाने तथा अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, विभागाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दिक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक परिवेश से सहज रूप से जोड़ना और उनके भीतर आत्मविश्वास विकसित करना है। उन्होंने कहा कि होटल मैनेजमेंट, हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म और इवेंट मैनेजमेंट ऐसे क्षेत्र हैं, जहां व्यावहारिक अनुभव, नवाचार, रचनात्मकता और उद्योग के बदलते रुझानों की समझ विद्यार्थियों के करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को कक्षाओं के साथ-साथ वर्कशॉप, इंडस्ट्री विजिट, प्रशिक्षण, शैक्षणिक भ्रमण और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा उनके सफल एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
विश्वविद्यालय के डॉ. रोहित गोयल HoD, डॉ. गोविंद पंवार एवं सुश्री तुलिका सैनी ने भी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें नए शैक्षणिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावहारिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर श्री शुभांग वालिया, सुश्री शिवाग्या मैंदोला, सुश्री सेतु शर्मा, श्री विदित अरोड़ा, श्री शशांक कोटियाल एवं श्री आकाश कुमार सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

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