मंत्री प्रदीप बत्रा की मौजूदगी में हुआ था महासभा का पुनर्गठन : संगठन
देहरादून। उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने स्वयं को संगठन का संविधानसम्मत, विधिवत एवं मुख्यधारा का संगठन बताते हुए समाज के लोगों से भ्रामक प्रचार और तथ्यहीन बयानों से सावधान रहने की अपील की है। महासभा ने कहा कि उसका उद्देश्य पूरे पंजाबी समाज को एकजुट कर समाज और उत्तराखंड के हित में सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।
महासभा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार संगठन के प्रतिनिधि हाल ही में गीता भवन में आयोजित पूर्व पदाधिकारियों व समाज के कुछ सदस्यों की बैठक में केवल समाज की एकता, संवाद और संगठन की मजबूती का संदेश लेकर पहुंचे थे। वहां किसी प्रकार के विवाद, संगठन विरोधी गतिविधि अथवा समाचार पत्रों में प्रकाशित विषयों पर चर्चा नहीं हुई। प्रतिनिधियों द्वारा रखे गए सकारात्मक विचारों का उपस्थित लोगों ने स्वागत और समर्थन किया था।
महासभा ने हरिश नारंग के समाचार पत्र में प्रकाशित बयान को भ्रामक, निराधार और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से प्रेरित बताते हुए उसकी कड़े शब्दों में निंदा की। संगठन ने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा के संबंध में “असंवैधानिक”, “दूसरा गुट” अथवा इसी प्रकार के शब्दों का प्रयोग पूरी तरह तथ्यहीन, अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण है।
महासभा ने स्पष्ट किया कि 23 जून 2026 को कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की अध्यक्षता में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से महासभा के पुनर्गठन को औपचारिक स्वरूप दिया गया था। इसी बैठक में करण मल्होत्रा को प्रदेश अध्यक्ष, राजकुमार फोटेला को प्रदेश महामंत्री, पी.एस. कोचर को प्रदेश कोषाध्यक्ष तथा बलदेव पाराशर को महानगर जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। नवगठित कार्यकारिणी ने पंजाबी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन, समाज की एकता, संगठन की मजबूती तथा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष राजीव भाई को पगड़ी पहनाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित भी किया गया।
विज्ञप्ति के अनुसार कार्यक्रम में विधायक शिव अरोड़ा, दर्जा राज्यमंत्री दिनेश मानसेरा, दर्जा राज्यमंत्री विश्वास डाबर, सुरेन्द्र सिंह नामधारी, काशीपुर के मेयर दीपक बाली, मंजीत सिंह राजू, सुभाष सरीन, दीपक अरोड़ा, डी.एस. मान, राजीव सचर, वरिष्ठ उद्योगपति राकेश ओबराय सहित अनेक गणमान्य नागरिक और समाज के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।
महासभा ने समाज के सभी लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या भ्रामक प्रचार से प्रभावित न हों तथा समाज की एकता, भाईचारे और संगठन की मजबूती के लिए मिलकर कार्य करें। संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल समस्त पंजाबी समाज को एक सूत्र में जोड़कर समाज और उत्तराखंड के हित में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है।

